सोनवणे हत्याकांड के विरोध में महाराष्ट्र में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल
महाराष्ट्र राजपत्रित अधिकारी फेडरेशन के महासचिव जी.वी. कुल्थे ने कहा, "भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हम सरकारी अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग करते हैं। ड्यूटी के दौरान ही सोनवणे को जलाकर मार दिया गया। हम मांग करते हैं कि इस तरह की छापेमारी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की बीच की जाए।"
गौरतलब है कि सोनवणे को स्थानीय तेल माफियाओं के एक गिरोह ने मंगलवार दोपहर को मनमाड के निकट छापेमारी की कार्रवाई के दौरान ही जिंदा जला दिया था।
महाराष्ट्र राजपत्रित अधिकारी फेडरेशन द्वारा हड़ताल का ऐलान किया गया है। हड़ताल में प्रथम श्रेणी और द्वितीय श्रेणी राजपत्रित अधिकारियों के अलावा अन्य संगठन भी शामिल हैं।
पुलिस ने इस मामले में सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें आठ फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
उधर, गुरुवार को मनमाड में स्कूल, कॉलेज और दुकानें पूरी तरह से बंद रहीं।
सोनवणे के वाहन चालक कैलाश गवली ने कहा है कि उसने उन्हें बचाने की कोशिश की थी लेकिन वह असफल रहा।
गवली ने कहा, "मंगलवार को घटना के समय उपस्थित शरारती तत्वों को मैं पहचान सकता हूं लेकिन मैं उस शख्स को नहीं पहचान सकता जिसने सोनवणे के शरीर में आग लगाई। मैं उसका चेहरा नहीं देख पाया।"
उल्लेखनीय है कि 44 वर्षीय सोनवणे को नासिक जिले में मनमाड के निकट पानेवाडी में उस समय जिंदा जला दिया गया था जब वह स्थानीय तेल माफियाओं के खिलाफ छापेमारी करने गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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