मिस्र: सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर प्रतिबंध

मिस्र के गृह मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि जो लोग सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेंगे, उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.
एक बयान में अधिकारियों ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों की अनुमति नहीं दी जाएगी.
काहिरा स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि तकनीकी रूप से मिस्र में आपात नियमों के तहत प्रदर्शनों पर पाबंदी है.
ऐसी ख़बरें हैं कि मंगलवार रात को तहरीर स्क्वायर से खदेड़े जाने के बाद प्रदर्शनकारी फिर जमा होने लगे हैं.
तस्वीरें: मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शन और झड़पें
मंगलवार को राजधानी काहिरा में हज़ारों लोगों ने कई जगहों पर सरकार विरोधी प्रदर्शन किए और इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई झड़पें भी हुईं.
व्यापक प्रदर्शन
इन प्रदर्शनों के दौरान हुई झड़पों में चार आम नागरिक और एक पुलिसकर्मी मारा गया है.
ग़ौरतलब है कि वर्ष 1981 से मिस्र में सत्ता में रहते हुए राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के शासनकाल में सरकार का विरोध कभीकभार ही देखने को मिला है.
इधर अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है, "हमारी सरकार लोगों के एकत्र होने और अपने विचार व्यक्त करने के मूल अधिकार का समर्थन करती है. सभी पक्षों को संयम से काम लेने चाहिए."
हिलेरी क्लिंटन कहना था कि वो मानती हैं कि मिस्र में स्थिर सरकार है और वह मिस्र के लोगों की जायज़ ज़रूरतों और हितों की देखभाल करने के तरीके खोज रही है.
बीबीसी संवाददाता जोन लेयन का कहना है कि काहिरा में कई जगहों पर प्रदर्शन हुए हैं और आयोजकों की उम्मीद से कहीं अधिक लोगों ने इनमें भाग लिया है.


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