दारुल उलूम के कुलपति जल्द छोड़ेंगे अपना पद
लखनऊ
| उत्तर प्रदेश के देवबंद स्थित मुस्लिम विश्वविद्यालय दारुल उलूम के नये कुलपति गुलाम मोहम्मद वास्तानवी को अभी अपना पद संभाले महीना भर भी पूरा नहीं हुआ था कि उन पर इस्तीफा देने का दबाव पड़ने लगा है। वैसे इस दबाव की जाहिरा वजह कुलपति द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य में किये जा रहे विकास की तारीफ है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि, गुलाम साहब के कुलपति बनने से भी पहले यहां उनके नाम के पीछे राजनीति शुरू हो गई थी जिसका अंत अब उनके इस्तीफे के साथ होने वाला है। id="toptextpromo">मालूम
हो कि गुलाम मोहम्मद वास्तानवी गुजरात के इस्लामिक धर्मगुरू हैं। टीवी न्यूज चैनल एनडीटीवी के जाने- माने संवाददाता रवीश कुमार ने दिखाया कि कुलपति महोदय इस यूनिवर्सिटी के पिछले दो सौ साल के इतिहास में पहले ऐसे कुलपति हैं जिन्होने देवबंद से ना तो शिक्षा ग्रहण की है और ना ही वह उत्तर प्रदेश राज्य से ताल्लुक रखते हैं। इससे पहले इस विश्विद्यालय में ऐसा कभी नहीं हुआ लेकिन बदलाव की चाह में दारुल उलूम वालों ने उन्हे कुलपति बनाने का फैसला लिया था। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>हिंदुस्तान
टाइम्स के मुताबिक गुलाम साहब 15 फरवरी तक अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। पिछले कुछ दिनों से इस प्रकरण पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। गुलाम साहब ने अपने कथित इंटरव्यू और बयान के बारे में मीडिया में सफाई भी पेश की है। उसके बावजूद ये सियासी राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। यही वजह है कि कुलपति ने अब इस्तीफा देने का मन बना लिया है।











Click it and Unblock the Notifications