'यात्रा' का उद्देश्य आरएसएस की आतंकी गतिविधियों पर पर्दा डालना : कांग्रेस
पार्टी ने कहा कि राज्य में कानून और व्यवस्था कायम रखने के लिए जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने यात्रा में शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं को श्रीनगर जाने से रोका।
कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा कि श्रीनगर के लाल चौक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकताओं की योजना का उद्देश्य आतंकी घटनाओं में आरएसएस कार्यकर्ताओं की कथित संलिप्तता से अपनी शर्मिदगी को छुपाना है।
अहमद ने आईएएनएस से कहा, "देश में हर कोई जानता है कि आतंकी घटनाओं में आरएसएस कार्यकर्ताओं की संलिप्तता से अपनी शर्मिदगी को छुपाने के लिए एकता यात्रा निकाली गई। वे लोगों को यह बताना चाहते थे वे बहुत ही राष्ट्रभक्त हैं, ताकि उनकी शर्मिदगी छुप जाए। देश के लोग काफी परिपक्व हैं वे इस तरह के हथकंडों से वाकिफ हैं।"
अहमद ने भाजपा नेताओं पर यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने एकता यात्रा से सम्बंधित गतिविधियों के जरिए संविधान के नियमों को तोड़ा है।
उन्होंने कहा, "संविधान के तहत राज्य को कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार है। राज्य सरकार ने जो कदम उठाया वह कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी था। भाजपा 26 जनवरी, 1950 को लागू संविधान की भावना से खिलवाड़ करना चाहती थी।"
अहमद ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा नेताओं ने अपने संकीर्ण विचारों को फलीभूत करने के लिए राष्ट्रीय ध्वज की प्रतिष्ठा ताक पर रख दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications