माधोपुर में तिरंगा फहराकर खत्म हुई भाजपा की यात्रा (राउंडअप)
उधर, जेल से बुधवार को रिहा किए जाने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र और जम्मू एवं कश्मीर सरकार को निशाने पर लिया। भाजपा नेता अरुण जेटली ने तो दोनों सरकारों पर अलगाववादियों को खुश करने के लिए पार्टी नेताओं को 'अगवा' किए जाने तक का आरोप लगा डाला।
जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने भाजपा के शीर्ष नेताओं को बुधवार को रिहा कर दिया। नेताओं को हिरासत में रखे जाने से गणतंत्र दिवस के मौके पर श्रीनगर के लाल चौक पर राष्ट्रध्वज फहराने की पार्टी की योजना विफल हो गई।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने 'राष्ट्रीय एकता यात्रा' रोकने पर केंद्र और राज्य सरकारों पर पार्टी के नेताओं को 'अगवा' करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों सरकारों ने यह कार्रवाई कश्मीर के अलगाववादियों को खुश करने के लिए किया।
भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने माधोपुर पुल के समीप देश के 62वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रध्वज फहराया। यह पुल पंजाब को जम्मू एवं कश्मीर से अलग करता है।
ज्ञात हो कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, अनंत कुमार और शांता कुमार को मंगलवार शाम गिरफ्तार करने के बाद पंजाब स्थित कठुआ के एक होटल में रखा गया था। बुधवार सुबह इन नेताओं को यहां से रिहा किया गया।
होटल के बाहर पत्रकारों से बातचीत में सुषमा स्वराज ने कहा, "तिरंगा यात्रा संपन्न हो गई क्योंकि इसका समापन गणतंत्र दिवस के दिन होना था।"
जेटली ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में 'राष्ट्रीय एकता यात्रा' को रोकने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार और उमर अब्दुल्ला की जम्मू एवं कश्मीर सरकार पर 'गैरकानूनी कार्रवाई' करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "केंद्र और राज्य सरकारें दोनों अलगाववादियों के समक्ष वैचारिक और मनोवैज्ञानिक रूप से घुटने टेक चुकी हैं।"
जेटली ने जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष यासिन मलिक का जिक्र करते हुए कहा कि मलिक पर वायु सेना के चार अधिकारियों की हत्या करने का आरोप है। मलिक ने भाजपा को लाल चौक पर तिरंगा फहराने की चुनौती दी थी।
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी इस यात्रा के खिलाफ थे। उन्होंने भाजपा की इस यात्रा को असफल और नाकाम करने के लिए राज्य के अधिकारियों को सबकुछ करने के आदेश दिए थे।
जेटली ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को 'राष्ट्रीय एकता यात्रा' में शामिल कराने जा रही रेलगाड़ियों का मार्ग बदलकर केंद्र सरकार सहित गृह और रेल मंत्रालय ने 'अपहरण का अपराध' किया है।
नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि श्रीनगर यात्रा का उद्देश्य कश्मीर में भारत विरोधी तत्वों को जवाब देना था। गडकरी ने इस बात से इंकार किया कि पार्टी इस यात्रा का राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।
राजधानी स्थित पार्टी मुख्यालय पर तिरंगा फहराने के बाद गडकरी ने पत्रकारों से कहा, "कुछ लोगों का कहना है कि लाल चौक पर राष्ट्रध्वज फहराने के पीछे राजनीति है। राष्ट्रध्वज फहराने में कौन सी राजनीति शामिल है। यह कोई राजनीति नहीं बल्कि हमारा कत्र्तव्य है।"
ज्ञात हो कि जेटली, स्वराज और अनंत कुमार को सोमवार को जम्मू हवाई अड्डे से हिरासत में लेकर उन्हें पंजाब के माधोपुर ले जाया गया।
मंगलवार को सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ ये नेता जम्मू एवं कश्मीर में प्रवेश करने के लिए निकले, लेकिन राज्य के प्रवेश द्वार लखनपुर में इनकी यात्रा को रोक लिया गया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार रात इन नेताओं की रिहाई के आदेश दिए और सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट ट्विटर पर इसे 'सद्भावनापूर्ण कदम' बताया।
मुख्यमंत्री ने जेटली को फोन कर जम्मू अथवा श्रीनगर में गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का अनुरोध किया था।
सुषमा ने मुख्यमंत्री के इस निमंत्रण का माखौल उड़ाते हुए कहा, "हमें 12.40 बजे रिहा करने का आदेश दिया गया जबकि गणतंत्र दिवस के सरकारी समारोह सुबह 10 बजे समाप्त हो गए।"
उन्होंने कहा, "ऐसे में मुख्यमंत्री कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि जेल में बंद नेता गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत कर सकते हैं।"
भाजपा की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के अध्यक्ष और सांसद अनुराग ठाकुर को भी वरिष्ठ नेताओं के साथ गिरफ्तार किया गया था। ठाकुर इस यात्रा का नेतृत्व कर रहे थे।
पुलिस ने श्रीनगर में तिरंगा फहराने के लिए लाल चौक की तरफ बढ़ने वाले भाजपा के 10 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
इसके अलावा पुलिस ने जेकेएलएफ के नेता यासिन मलिक, हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े के नेताओं बिलाल लोन और शहिदुल इस्लाम को अपने समर्थकों के साथ लाल चौक की तरफ जाने से रोका।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications