कई भाषाओं के जानकार हैं पद्मश्री के लिए चयनित डॉ. शर्मा
उत्तराखण्ड के हल्द्वानी के भीमताल के जंगलिया गांव में 24 अक्टूबर, 1924 को जन्मे डॉ. शर्मा ने भाषा के अलावा संस्कृति, इतिहास और शोध पर उल्लेखनीय कार्य किया है। वह संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, फ्रेंच, उर्दू, फारसी, जर्मन, पंजाबी, गुजराती, बांग्ला, डोगरी तथा हिमालयी क्षेत्र की कई भाषाओं के जानकार हैं।
डा. शर्मा के 30 ग्रंथ और 150 से ज्यादा शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। आगरा विश्वविद्यालय से एम.ए. करने के बाद डा. शर्मा ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से संस्कृत में और भाषा शास्त्र में पंजाब विश्वविद्यालय से पीएचडी तथा डी.लिट् की उपाधि हासिल की।
डा. शर्मा इससे पहले जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप, इंदिरा गांधी मेमोरियल फेलोशिप तथा यूजीसी ऐमेरिट्स फेलोशिप से नवाजे जा चुके हैं। 87 वर्षीय शर्मा इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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