मेरे खिलाफ हो रही साजिश : वस्तानवी
देवबंद में बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैंने इस्तीफा दे दिया है..मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से दारुल उलूम का माहौल बिगड़े।" इस्तीफे के पीछे किसी तरह के दबाव से इंकार करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने किसी के दबाव में इस्तीफा नहीं दिया है।"
गुजरात के मुख्यमंत्री की सराहना के बाद दारुल उलूम के छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध के बारे में पूछे जाने पर वस्तानवी ने कहा, "मैं इस बारे में पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुका हूं कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। मुझे लगता है कि दारुल उलूम से इस मसले का कोई ताल्लुक नहीं है। मेरे खिलाफ साजिश रची गई है।"
उन्होंने कहा कि इस साजिश के पीछे कौन लोग हैं यह उन्हें पता नहीं है, इसलिए वह इस बारे में अभी कुछ नहीं सकते।
सूत्रों के मुताबिक वस्तानवी का इस्तीफा 15 फरवरी को मजलिस-ए-शूरा (दारुल उलूम का शासी निकाय) के सदस्यों के सामने रखा जाएगा। आखिरी फैसला शूरा ही करेगी।
यह पूछे जाने पर कि मजलिस-ए-शूरा अगर उनका इस्तीफा नामंजूर कर उन्हें मोहतमिम बने रहने को कहती है तो उनका रुख क्या होगा, वस्तानवी ने कहा कि ये सब बाद की बात है।
वस्तानवी ने दारुल उलूम परिसर में छात्रों के एक धड़े द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध प्रदशर्न के बाद इस्तीफा देने का फैसला लिया।
वस्तानवी का विरोध कर रहे छात्रों ने 'मोदीनवाज मोहतमिम वापस जाओ' का नारा लगाते हुए 24 जनवरी को धरना दिया था। विरोधी छात्रों की मांग है कि वस्तानवी दारुल उलूम छोड़कर वापस जाएं। छात्रों का एक धड़ा हालांकि उनके समर्थन में भी उतर आया है।
वस्तानवी के समर्थक छात्रों का कहना है कि मोहतमिम के बयान को मीडिया में तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने निहित स्वार्थ के लिए मोहतमिम को साजिश का शिकार बना रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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