अलगाववादियों को खुश करने के लिए यात्रा रोकी : भाजपा (लीड-2)
सरकार द्वारा यात्रा को रोकने को 'अवैध कार्रवाई' बताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा, "केंद्र और राज्य सरकारें दोनों अलगाववादियों के समक्ष वैचारिक और मनोवैज्ञानिक रूप से घुटने टेक चुकी हैं।"
जेटली ने जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष यासिन मलिक का जिक्र करते हुए कहा कि मलिक पर वायु सेना के चार अधिकारियों की हत्या करने का आरोप है। मलिक ने भाजपा को लाल चौक पर तिरंगा फहराने की चुनौती दी थी।
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी इस यात्रा के खिलाफ थे। उन्होंने भाजपा की इस यात्रा को असफल और नाकाम करने के लिए राज्य के अधिकारियों को सबकुछ करने के आदेश दिए थे।
जेटली ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को 'राष्ट्रीय एकता यात्रा' में शामिल कराने जा रही रेलगाड़ियों का मार्ग बदलकर केंद्र सरकार सहित गृह और रेल मंत्रालय ने 'अपहरण का अपराध' किया है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि जम्मू हवाई अड्डे पर उन्हें दो घंटे से भी अधिक समय तक शौचालय और पेयजल की सुविधा देने से इंकार किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम द्वारा हस्तक्षेप किए जाने के बाद ही उन्हें सुविधाएं दी गईं।
कठुआ स्थित होटल के बाहर पत्रकारों से बातचीत में सुषमा स्वराज ने कहा, "तिरंगा यात्रा संपन्न हो गई क्योंकि इसका समापन गणतंत्र दिवस के दिन होना था।"
लोकसभा में विपक्ष की नेता ने कहा कि सरकार को इस बात का जवाब देना है कि क्यों "गणतंत्र दिवस के दिन विपक्ष के दोनों नेताओं (उन्हें और अरुण जेटली) को हिरासत में रखा गया।"
उल्लेखनीय है कि दोनों नेताओं की रिहाई के साथ ही जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस ले लिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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