गणतंत्र दिवस : राजपथ पर दिखी सांस्कृतिक झलक व सैन्य शक्ति (लीड-2)

नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। देश के 62वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजपथ पर आयोजित मुख्य समारोह में बुधवार को भव्य परेड के दौरान देश की सांस्कृतिक विविधताओं और सैन्य शक्ति के एक से बढ़कर एक नमूने पेश किए गए। विभिन्न राज्यों में भी गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। हर राज्य में हजारों लोग राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए आयोजित समारोहों में हिस्सा लेने पहुंचे।

दुनिया के इस सबसे बड़े लोकतंत्र के कोने-कोने में देशभक्ति और उमंग से परिपूर्ण ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जम्मू एवं कश्मीर से लेकर केरल और गुजरात से असम तक प्रत्येक राज्य में हजारों लोग गणतंत्र दिवस समारोहों में हिस्सा लेने पहुंचे।

इस अवसर पर न ही कश्मीर और न ही नक्सली प्रभावित इलाकों में हिंसा की कोई बड़ी घटना हुई। कश्मीर में श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की घोषणा के चलते कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाए गए थे।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी हजारों लोगों ने उग्रवादियों के बहिष्कार का विरोध करते हुए ध्वजारोहण समारोहों में हिस्सा लिया।

राजपथ पर हुए समारोह में ध्वजारोहण और 100 मिनट तक चली परेड देखने के लिए देश के गणमान्य लोगों सहित हजारों की संख्या में आम लोग पहुंचे। परेड के दौरान देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विरासत का शानदार प्रदर्शन किया गया।

टेलीविजन के जरिए लाखों लोगों द्वारा देखी गई यह परेड रायसीना हिल्स स्थित राष्ट्रपति भवन से लाल किले तक कुल आठ किलोमीटर लंबी थी। समारोह में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सासिलो बाम्बांग युधोयोनो मुख्य अतिथि थे। वह वर्ष 1950 में राष्ट्रपति सुकर्णो के बाद इस समारोह में मुख्य अतिथि बनने वाले दूसरे इंडोनेशियाई प्रमुख बने।

खुशनुमा मौसम में देश की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन कर रहे परेड में शामिल कलाकारों ने कई बार युधोयोनो और उनकी पत्नी अनी की तालियां बटोरीं।

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने सेना और अर्धसैनिक बलों की सलामी ली। परेड के दौरान 'सारे जहां से अच्छा', 'गंगोत्री', 'जय भारती' और 'कदम कदम बढ़ाए जा' जैसे सुमधुर गीतों से माहौल देशभक्तिमय हो गया।

इस दौरान सेना के सामरिक शक्ति का भी भरपूर प्रदर्शन हुआ। मुख्य आकर्षण का केंद्र हल्के लड़ाकू विमान तेजस, मुख्य युद्धक टैंक टी-90 और सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस रहे।

परेड में भारत की विविधता में एकता और साम्प्रदायिक सौहाद्र्र के भी नजारे प्रतिबिम्बित हुए। इसके अलावा देश के सभी भागों का अद्भुत संतुलन परेड की संपूर्णता में देखने को मिला।

समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने मेजर लायसराम ज्योतिन सिंह को देश में वीरता के सर्वोच्च पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया। ज्योतिन सिंह सेना के चिकित्सक थे। वह पिछले साल अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास पर हुए आतंकी हमले के दौरान आतंकियों से लड़ते समय शहीद हो गए थे।

देश के विभिन्न राज्यों में भी गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। मध्य प्रदेश में राजधानी भोपाल सहित अन्य स्थानों पर ध्वजारोहण के अवसर पर रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर के एसएएफ मैदान पर ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। चौहान ने कहा कि यह ऐसा दिन है जब हमें गण और तंत्र के बीच की दूरी को कम करने का संकल्प लेना चाहिए।

उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गणतंत्र दिवस पर आयोजित समारोह के दौरान नक्सलियों को पराजित करने का संकल्प जताया। नक्सलियों को प्रदेश के विकास में अवरोध बताते हुए पटनायक ने कहा कि सरकार नक्सलियों की चुनौती खत्म करेगी।

वहीं कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच फील्ड मार्शल मानेकशॉ परेड मैदान पर आयोजित समारोह में ध्वजारोहण किया। सफेद सूट और जेब में गुलाब रखकर समारोह में पहुंचे भारद्वाज ने परेड की सलामी ली। इस समारोह को देखने के लिए करीब 5,000 लोग एकत्रित हुए। राज्यपाल द्वारा झंडा फहराए जाने के समय हेलीकाप्टर से हजारों फूल बरसाए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा, कैबिनेट मंत्री और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकरनारायणन ने शिवाजी पार्क में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राज्यपाल ने मध्य मुम्बई के दादर में आयोजित परेड में सुरक्षा बलों की सलामी ली। परेड में 200 से ज्यादा स्कूली छात्रों ने भी हिस्सा लिया। प्रदेश के स्कूल, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में ध्वजारोहण के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए।

नासिक जिले के मालेगांव में कड़ी सुरक्षा के बीच ध्वजारोहण किया गया। यहां मंगलवार को तेल माफियाओं ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर को जिंदा जला दिया था।

गणतंत्र दिवस के मौके पर बुधवार को नक्सलियों ने झारखण्ड के पलामू जिले के एक स्कूल की इमारत में विस्फोट किया और काला झंडा फहराया। नक्सलियों ने राजहारा खुट्टी गांव स्थित स्कूल की इमारत पर हमले के लिए डेटोनेटर का इस्तेमाल किया। इसके अलावा अन्य दो स्कूलों में भी काले झंडे गाड़े।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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