बहिष्कार को दरकिनार कर मनाया गया गणतंत्र दिवस
असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा, "यह खुशी की बात है कि इस पूरे इलाके में कुछ अलगाववादियों के बहिष्कार के आह्वान के बावूजद लोग गणतंत्र दिवस समारोहों में शामिल हुए।"
'युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम' (उल्फा) सहित छह प्रतिबंधित अलगावादी संगठनों ने गणतंत्र दिवस के दिन असम, मणिपुर और त्रिपुरा में 17 घंटे के बंद का आह्वान किया था।
कुछ छिटपुट घटनाओं के बीच पूरे उल्लास के साथ इन राज्यों में गणतंत्र दिवस मनाया गया। असम में विद्रोहियों ने मंगलवार को एक मालगाड़ी में विस्फोट किया था और एक बस पर हमला किया था। जिसमें तीन यात्री घायल हो गए थे।
असम के राज्यपाल जे. बी. पटनायक ने गणतंत्र दिवस के अपने भाषण में कहा, "हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। मुझे उम्मीद है कि अलगाववादी समूह मुख्यधारा में आएंगे और हत्याएं व खून-खराबा बंद करेंगे।"
त्रिपुरा और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों ने भी अलगाववादियों से सरकार के साथ शांतिवार्ता स्थापित करने की अपील की।
मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने इम्फाल में पत्रकारों से कहा, "हमारे दरवाजे अलगाववादी समूहों से बातचीत के लिए हमेशा खुले हुए हैं। समझौतों से समस्या का समाधान हो सकता है और इसे बंदूक के बल पर सुलझाया नहीं जा सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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