भारत, चीन से है मुकाबला, कुछ नया कीजिए : ओबामा
वाशिंटन, 26 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बार फिर अमेरिकियों से आह्वान किया है कि भारत और चीन जैसी तेजी से उभर रही अर्थव्यवस्थाओं से मुकाबला करने के लिए उन्हें कुछ नया करना चाहिए।
ओबामा ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए कहा कि दुनिया बदल रही है और बहुतों के लिए यह परिवर्तन दुखदायी है।
उन्होंने कहा कि आज प्रौद्योगिकी की बदौलत थोड़े से कर्मचारी भी बड़ी स्टील कम्पनियों में उत्पादन कर सकते हैं और इंटरनेट के सहारे दुनिया में कहीं भी माल बेच सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और चीन जैसे देश समझ चुके हैं कि थोड़ा सा बदलाव कर वे विकसित देशों से प्रतियोगिता कर सकते हैं। उन्होंने अपने बच्चों को अपेक्षाकृत पहले और अधिक-से-अधिक पढ़ाना शुरू कर दिया है और गणित और विज्ञान की शिक्षा पर जोर देने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि लेकिन अमेरिकियों को हताश नहीं होना चाहिए और इसे चुनौती समझना चाहिए।
उन्होंने अमेरिकियों के लिए इस घड़ी को स्पुतनिक के दौर जैसा बताया जब सोवियत रूस द्वारा प्रक्षेपित पहले कृत्रिम उपग्रह स्पुतनिक-1 के बाद अमेरिका में अंतरिक्ष कार्यक्रम में रूस के साथ एक होड़ शुरू हो गया था।
उन्होंने अमेरिका में रोजगार बढ़ाने के लिए 2014 तक निर्यात को दो गुना करने के लक्ष्य की घोषणा की।
विकासशील देशों से मिल रही चुनौतियों का सामना करने के लिए ओबामा ने यहां तक कह डाला कि अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे छात्रों को यहां रहने दिया जाए। ये प्रतिभाशाली छात्र देश की शोध संस्थाओं में काम कर सकते हैं। नया उद्यम शुरू कर सकते हैं। इससे देश को फायदा मिलेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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