न्यायपूर्ण समाज की स्थापना करना लक्ष्य : राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संबोधन में कहा कि हमारा लक्ष्य सुप्रशासन तथा जन-केंद्रित प्रशासन प्रदान करना है। इसमें, जन-सेवा के क्षेत्रा में संवेदनहीनता तथा लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जा सकता। लोगों के कल्याण को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास तेज करने वाली योजनाओं और कार्यक्रमों में ही, और अधिक पारदर्शिता तथा जवाबदेही निर्धारित करनी होगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के प्रयासों से भविष्य का उत्पादक मानव संसाधन तैयार होगा। शहरी और ग्रामीण विकास की योजनाओं से हमारे शहर और गांव जीवन-यापन करने के लिए अच्छे पर्यावास बन पाएंगे। महिलाओं, युवाओं, बालिकाओं के लिए और अलग तरह से सक्षम तथा समाज के उपेक्षित वर्गो के लिए कार्यक्रम चलाने से, वे अवसरों का लाभ उठा पाएंगे तथा भविष्य का सामना विश्वास के साथ कर सकेंगे।
पाटील ने कहा कि हमें अनाथ तथा निराश्रित बच्चों, उम्रदराज लोगों तथा असहायों की समस्याओं पर भी कार्य करने की जरूरत है। कल्याण योजनाओं की सफलता के लिए विकास निधियों की पूरी राशि लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचनी चाहिए। भ्रष्टाचार विकास तथा सुशासन का शत्राु है। इसमें फंसे रहने के बजाय यह जरूरी है कि हम इससे ऊपर उठें और भ्रष्टाचार से और अधिक प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रणाली में बदलाव लाने पर गंभीरता से विचार करें।
उन्होंने कहा कि वित्तीय संस्थाओं, कार्पोरेट जगत और सिविल समाज को अपने कामकाज में ईमानदारी के उच्च मानदण्ड कायम रखने होंगे। न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए सकारात्मक परिवर्तन सरकार और उसकी जनता के बीच गंभीर सहभागिता से ही लाया जा सकता है।
पाटील ने कहा कि सूचना, समाचार और विभिन्न नजरियों को लोगों तक पहुंचाने में, मीडिया की अहम भूमिका है। यह जागरूकता बढ़ाता है, विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श को बढ़ावा देता है और राय भी तैयार करता है। देश में बेहतरीन आचरण के ऐसे अनगिनत उदाहरण मिलेंगे, जहां कुछ नेक व्यक्ति समाज की महती सेवा कर रहे हैं, कुछ सामाजिक संगठन इलाकों में निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं तथा इसी तरह का श्रेष्ठ कार्य परोपकारी लोग, वैज्ञानिक तथा शिक्षाविद् भी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यो को प्रमुखता देकर, मीडिया अच्छे उदाहरणों का अनुकरण करने के लिए, दूसरों को प्रेरित कर सकता है, इसलिए मैं मीडिया से आग्रह करना चाहूंगी कि वह अपनी पहुंच और विषयवस्तु को बढ़ाने के साथ-साथ सकारात्मक भावना के साथ काम करें। लोकतंत्रा तथा इसकी संस्थाओं की मजबूती बनाए रखने में संवेदनशील तथा जिम्मेदार मीडिया बहुमूल्य है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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