भारत में काला धन बड़ी चुनौती: आईएमएफ़

आईएमएफ़ का मानना है कि एशिया की उभरती आर्थिक ताकत के रूप में भारत अहम है
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने चेतावनी दी है कि भारत को मनी लॉन्डरिंग यानी काले धन को वैध बनाने और चरमपंथियों को आर्थिक सहायता का ख़तरा सबसे बड़ी चुनौती है.
आईएमएफ़ ने भारत के संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है.
इस रिपोर्ट में भारत के उठाए क़दमों की भी जानकारी दी गई है.
रिपोर्ट में कहा गया है, ''एशिया की उभरती आर्थिक ताकत के रूप में भारत अहम है लेकिन उसे मनी लॉन्डरिंग और चरमपंथियों तक आर्थिक सहायता पहुँचने का ख़तरा एक बड़ी चुनौती है.''
इसमें कहा गया है कि भारत में मनी लॉन्डरिंग देश और देश के बाहर की ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों का नतीजा है.
आईएमएफ़ का मानना है कि भारत चरमपंथियों का निशाना पहले भी बना है और आगे भी उनके निशाने पर रहेगा.
रिपोर्ट के अनुसार चरमपंथियों को विभिन्न स्रोतों से धन पहुँचने का ख़तरा है.
इसमें भारत के अंदर और बाहर ग़ैरक़ानूनी गतिविधियाँ, मादक पदार्थों का कारोबार, धोखाधड़ी, संगठित अपराध, मानव तस्करी, भ्रष्टाचार, नकली धन और अवैध धन वसूली जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं.
रिपोर्ट के अनुसार भारत ने 2009 के मध्य से मनी लॉन्डरिंग और उसके प्रावधानों पर अपना ध्यान केंद्रित करना शुरू किया था.
लेकिन अब भी ऐसे क़दमों को प्रभावी बनाने की ज़रूरत है. साथ ही कुछ महत्वपूर्ण क़ानूनी मुद्दे हैं जिन्हें सुलझाया जाना बाकी है.


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