कृष्णा तीरथ ने वीरता पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी
कृष्णा तीरथ ने सोमवार को यहां राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2010 के विजेता लड़के और लड़कियों को बधाई दी। इस अवसर पर कृष्णा तीरथ ने कहा कि इन साहसिक बच्चों की वीरता की कहानियां अन्य सभी बच्चों के लिए साहसिक कार्य करने के उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। इनमें से कुछ बच्चे तो साहसिक कार्य करते हुए अपनी जान भी गंवा बैठे हैं।
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस से पहले शनिवार को प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने नई दिल्ली में एक समारोह में 23 बालक और बालिकाओं को वर्ष-2010 के राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्रदान किए। इनमें से आठ बच्चे पूवरेत्तर राज्यों के हैं। दो पुरस्कार मरणोपरान्त प्रदान किए गए। पुरस्कार पाने वाले बालक-बालिकाएं गणतंत्र दिवस की परेड में भाग लेंगे।
सम्मानित गीता चोपड़ा पुरस्कार केरल की 13 वर्षीया कुमारी जिस्मि पी़एम़ को प्रदान किया गया, जिसने दो बच्चों को डूबने से बचाया था। संजय चोपड़ा पुरस्कार उत्तराखंड के 11 वर्षीय मास्टर प्रियांशु जोशी को प्रदान किया गया, जिसने अपनी बहन को तेंदुए से बचाया था।
राजस्थान की छह वर्षीया छम्पा कंवर अपनी बहन को झोंपड़ी में लगी आग से बचाने का प्रयास करते हुए अपनी जान गंवा बैठी और उत्तराखंड की 13 वर्षीया श्रुति लोधी मधुमेय के प्रति जागृति पदयात्रा के दौरान एक वृक्ष के नीचे दब जाने के कारण मर गई। उन्हें मरणोपरान्त सम्मानित किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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