एकता यात्रा के खिलाफ बल प्रयोग की भूल न करे सरकार : ठाकुर
उन्होंने यात्रा को जारी रखने और गणतंत्र दिवस पर श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा झंडा फहराने का संकल्प भी दोहराया।
सोमवार को अमृतसर में उन्होंने प्रधानमंत्री और जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री से सवाल किया कि वह देश को बताएं कि पिछले साल ईद के मौके पर सुरक्षा बलों और मीडिया की मौजूदगी में पाकिस्तान का झंडा फहराने की अनुमति क्यों दी गई। यह निश्चित रूप से हमारे लिए एक काला दिन था।
उन्होंेने कहा कि एक कमजोर प्रधानमंत्री और उतने ही कमजोर जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री अलगाववादियों के षड्यंत्र के आगे शर्मनाक तरीके से झुककर एकता यात्रा को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। अमृतसर से जम्मू की ओर रवाना होते हुए उन्होंने कहा कि यात्रा को रोकने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जो लचर कारण गिना रहे हैं, उनसे उन्हें आश्चर्य हुआ है। यात्रा को राज्य में घुसने नहीं देने की जम्मू एवं कश्मीर सरकार की कथित घोषणा को उन्होंने देश के राष्ट्रवादी युवाओं का अपमान बताया।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री के हतोत्साहित करने वाले बयान के खिलाफ खड़े हों। उन्होंने आश्चर्य जताया कि इस यात्रा को किस तरह से राजनीतिक लाभ का प्रयास बताया जा रहा है। यह और कुछ नहीं, बल्कि इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस जम्मू एवं कश्मीर में अलगाववादियों के दबाव में है।
ठाकुर ने 12 जनवरी को कोलकाता से एकता यात्रा की शुरुआत की थी। पिछले 11 दिनों में यात्रा 11 राज्यों से होकर गुजरी। पार्टी की योजना के अनुसार यह यात्रा श्रीनगर के लाल चौक पर गणतंत्र दिवस के दिन तिरंगा झंडा फहराने के साथ ही यात्रा समाप्त होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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