मतदाताओं को शिक्षित करने की आवश्यकता : कुरैशी
उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों द्वारा किए गए प्रयासों के प्रभाव का पता लगाने की आवश्यता महसूस की जा रही है। इससे भावी नीतियों, कार्यक्रमों आदि को उपयुक्त रूप से सुधार करने में सहायता मिलेगी, ताकि लोकतांत्रिक और मत प्रक्रियाओं के सभी पहलुओं के बारे में मतदाताओं को शिक्षित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यहां यह कहना उपयुक्त होगा कि हम अपने मतदाताओं की भागीदारी के कार्यक्रमों में सामाजिक विपणन तकनीकों को प्रयोग में ला रहे हैं और उनका असर दिखाई दे रहा है।
कुरैशी ने कहा कि हमारा यह अनुभव रहा है कि मतदाताओं की शिक्षा न केवल उनका अधिकार है, बल्कि एक लोकतंत्र में भागीदारी में सुधार का सर्वाधिक उपयुक्त मार्ग भी है।
उन्होंने कहा कि कल हमारे चुनावी लोकतंत्र का एक ऐतिहासिक अवसर होगा। भारत की राष्ट्रपति पहले राष्ट्रीय मतदाता दिवस का शुभारंभ करेंगीं और इसका अर्थ यह है कि मात्र 25 दिन पहले भारत के 50 लाख से अधिक युवा जो 18 वर्ष की आयु के हो चुके हैं, वे देश में फैले मतदान केन्द्रों पर आठ लाख से अधिक होने वाले कार्यक्रमों में अपने पहचान पत्र प्राप्त करेंगे। राष्ट्रीय मतदाता दिवस मात्र एक समारोह ही नहीं है बल्कि मतदाता शिक्षा को एक प्रमुख रणनीति के रूप में इस्तेमाल करने के द्वारा युवाओं को मत प्रक्रिया के साथ जोड़ना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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