भाजपा नेता पंजाब में रिहा (लीड-2)
पंजाब के माधोपुर जम्मू एवं कश्मीर की सीमा से लगता शहर है। इससे पहले जम्मू हवाई अड्डे पर इन नेताओं के पहुंचने के बाद छह घंटे तक इन्हें बाहर नहीं जाने दिया गया और बाद में हिरासत में लेकर पंजाब के माधोपुर भेज दिया गया।
पार्टी सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि उनके नेताओं को लखनपुर के नजदीक माधोपुर ब्रिज पर 10.50 बजे मुक्त कर दिया गया। माधोपुर पाठनकोट से 15 किलोमीटर की दूरी पर है। जिला प्रशासन ने बताया कि तीनों नेताओं को जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने सीमा पर औपचारिक तौर पर मुक्त कर दिया।
पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव जे.पी. नड्डा, अमृतसर से सांसद नवजोत सिंह सिद्धू सहित अनेक नेता सुषमा, जेटली और अनंत कुमार स्वागत के लिए पहुंचे।
पार्टी सूत्रों ने कहा कि तीनों नेता पठानकोट में रात्रि विश्राम करेंगे और मंगलवार को लखनपुर सीमा पहुंचेंगे और उस रैली का साथ देंगे जो जम्मू एवं कश्मीर में प्रवेश करेगी।
इस बीच लखनपुर में भारी तादाद में जम्मू एवं कश्मीर पुलिस के जवान डेरा डाले हुए हैं।
जम्मू में इन नेताओं की गिरफ्तारी के आदेश मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से जारी किए गए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम से बातचीत के बाद यह कदम उठाया।
भाजयुमो द्वारा निकाली गई राष्ट्रीय एकता यात्रा में हिस्सा लेने के लिए तीनों नेता सोमवार अपराह्न् जम्मू पहुंचे। यहां से उनका श्रीनगर जाने का कार्यक्रम था लेकिन पुलिस ने उन्हें जम्मू हवाई अड्डे से बाहर जाने और शहर में प्रवेश करने से रोक दिया।
पुलिस अधिकारियों ने सुषमा, जेटली और अनंत से कहा कि शहर में उनके प्रवेश से समस्या पैदा हो सकती है।
इसके बाद बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता हवाई अड्डे पर जुट गए और अपने नेताओं को शहर में जाने की इजाजत देने की मांग करने लगे।
सुषमा ने ट्विटर पर लिखा, "हमें गिरफ्तार कर लिया गया है और अलग-अलग कारों में ले जाया जा रहा है। कहां ले जाया जा रहा है कुछ पता नहीं।"
उन्होंने लिखा, "उन्होंने हमारे सामान ले लिए हैं और तीन अलग-अलग कारों में रख दिया है।"
इससे पहले उन्होंने लिखा, "जैसे ही हम जम्मू पहुंचे, हमने पाया कि टर्मिनल के दरवाजों को बंद कर दिया गया है। हमें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने (पुलिस) हमें धारा 144 का हवाला दिया है। वे चाहते हैं कि हम वापस लौट जाएं।"
सुषमा ने आगे लिखा है, "हमारा अपराध क्या है? हम सिर्फ अपने राष्ट्रीय झंडे को फहराना चाहते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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