रिजर्व बैंक ने प्रमुख दरें बढ़ाईं, ऋण होंगे महंगे (लीड-1)
आरबीआई के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने रेपो रेट में 25 आधार अंकों की वृद्धि करके इसे 6.5 प्रतिशत और रिवर्स रेपो दर को 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.50 प्रतिशत करने की घोषणा की।
नकद आरक्षित अनुपात और बैंक दर सहित अन्य दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
रेपो दर वह दर होती है जिस दर पर व्यावसायिक बैंक आरबीआई से उधार लेते हैं। दर में वृद्धि से व्यावसायिक बैंकों के लिए ऋण लेना महंगा हो जाएगा।
रिवर्स रेपो दर वह दर होती है जिस दर पर व्यावसायिक बैंक आरबीआई के पास धन जमा कराते हैं। इस दर में वृद्धि से व्यावसायिक बैंकों के लिए आरबीआई के पास धन जमा कराना लाभप्रद होगा और ऐसे में उनके पास ऋण के धन की उपलब्ध कम होगी।
पिछले वर्ष जनवरी के बाद से सातवीं बार दरों में परिवर्तन किया गया है।
अपनी समीक्षा रिपोर्ट में आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के अंत तक मुद्रास्फीति की दर सात फीसदी रहने का अनुमान लगाया है जबकि इससे पहले यह अनुमान 5.5 फीसदी थी। आरबीआई ने विकास दर 8.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।
सुब्बाराव ने कहा, "आपूर्ति में गड़बड़ी के कारण सब्जियों की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई। इसके अलावा हवाई ईंधन और पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों में वृद्धि के कारण महंगाई में वृद्धि हुई है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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