उत्सव के साथ अपराधी जैसा बर्ताव न किया जाए : पिता (लीड-1)
बीएचयू में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर एस. के. शर्मा ने आईएएनएस से कहा कि उनका बेटा साल 2007 से अवसाद से गुजर रहा है। इसे देखते हुए उसके साथ तलवार पर हमला करने के आरोप में अपराधियों जैसा बर्ताव न किया जाए।
शर्मा के मुताबिक उत्सव से उनकी आखिरी बार सोमवार शाम को बात हुई थी। उन्होंने बताया कि कल शाम को फोन पर उत्सव ने मुझसे कहा था कि वह 26 जनवरी को इंडिया गेट पर होने वाली परेड को देखकर वापस वाराणसी लौटेगा। बातचीत के दौरान उत्सव सामान्य लग रहा था।
शर्मा ने कहा कि वह अपने बेटे के इस बर्ताव से बहुत आश्चर्यचिकत हैं। उन्हें यह देखने की जरूरत है कि कहीं उसने (उत्सव) अपनी दवाइयां खानी तो नहीं बंद कर दी थीं।
राजेश तलवार पर हमला करने से पहले उत्सव ने बीते साल आठ फरवरी को रुचिका गिरहोत्रा मामले के आरोपी एस. पी. एस. राठौड़ पर इसी तरह चंडीगढ़ अदालत परिसर के बाहर हमला किया था।
शर्मा ने कहा कि अब ऐसा लग रहा है कि मुझे अपने बेटे को घर की चाहरदीवारी में बंद रखने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। अब हमलोग उसके बेहतर इलाज के बारे में भी देखेंगे। फिलहाल उसका अहमदाबाद में उपचार चल रहा है।
गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रघुवीर लाल द्वारा यह कहे जाने पर कि उत्सव मानसिक रोगी नहीं प्रतीत हो रहा है ..इस बारे में शर्मा ने कहा कि रघुवीर लाल कोई मेडिकल एक्सपर्ट नहीं हैं। हमारे पास सभी कुछ है, जिससे यह साबित हो जाएगा कि उत्सव की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। मैं सभी कागजात लेकर बहुत जल्द गाजियाबाद के लिए रवाना हो रहा हूं।
इससे पहले राठौर पर हमले की घटना के बाद शर्मा ने संवाददाताओं से कहा था कि उत्सव अक्सर कहा करता था कि वह अन्याय बर्दाश्त नहीं कर सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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