जम्मू-पंजाब सीमा पर टकराव जैसे हालात (लीड-2)

इस बीच, राज्य सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए राज्य के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया है तथा सभी शैक्षणिक संस्थानों और जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग को बंद कर दिया है।

भाजपा कार्यकर्ता जहां रैली कर रहे हैं वहां भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। ये नेता इस रैली को एक-एक कर सम्बोधित करेंगे और फिर जम्मू की ओर कूच करेंगे।

वहीं दूसरी ओर लखनपुर-माधोपुर पुल के करीब हजारों पुलिसकर्मी तैनात हैं। पानी की बौछार करने वाले ट्रक, आंसू गैस छोड़ने वाले यंत्र और दंगा नियंत्रित करने वाले वाहन बड़ी संख्या में वहां पहले से रखे गए हैं। पुल की सीमा पर लोहे के बाड़ लगा दिए गए हैं ताकि कोई प्रवेश न कर सके।

लोकसभा में विपक्षी की नेता सुषमा स्वराज ने पंजाब के माधोपुर में पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी तिरंगा यात्रा के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के अन्य सहयोगियों और हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ आज (मंगलवार) जम्मू एवं कश्मीर की सीमा में प्रवेश करेंगी।

यह यात्रा सोमवार को पठानकोट पहुंची थी और आज माधोपुर के रास्ते जम्मू की सीमा में उसके प्रवेश करने का कार्यक्रम है।

मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए चिदम्बरम ने मंगलवार को भी भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली और सुषमा स्वराज से जम्मू एवं कश्मीर सरकार के फैसले का सम्मान करने और श्रीनगर में तिरंगा फहराने की योजना स्थगित करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि घाटी में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो इसको ध्यान में रखते हुए भाजपा को अपनी योजना स्थगित कर देनी चाहिए।

चिदम्बरम ने एक बयान में कहा, "मैं विपक्ष के दोनों नेताओं और उनके समर्थकों से अपील करना चाहूंगा कि वे टकराव का रास्ता छोड़कर दिल्ली लौट आएं और गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हों।"

उन्होंने कहा, "उस राजनीतिक एजेंडे को कभी जायज नहीं ठहराया जा सकता जो जम्मू एवं कश्मीर की शांति और कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित करता हो।"

उधर, भाजपा की प्रस्तावित यात्रा को रोकने में केंद्र सरकार से मिल रहे समर्थन से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बेहद खुश हैं। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर यह बात बताई।

इस सबके बीच सोमवार शाम को तिरंगा यात्रा में शरीक होने के लिए जम्मू हवाई अड्डे पर पहुंची सुषमा और जेटली को हिरासत में लेकर उन्हें देर रात माधोपुर में छोड़ दिया गया था।

जम्मू एवं कश्मीर की सरकार पहले ही कह चुकी है कि वह किसी भी राजनीतिक संगठन को श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की अनुमति नहीं देगी।

जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन ने भाजपा कार्यकर्ताओं की घाटी में प्रवेश करने की कोशिशों के तहत मंगलवार को जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग को बंद कर दिया है।

प्रदेश यातायात विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "राजमार्ग आज (मंगलवार) और कल (बुधवार) बंद रहेगा।"

प्रशासन ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लाल चौक पर भाजपा और कश्मीर की आजादी के समर्थक जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) को जुलूस निकालने से रोकने के लिए श्रीनगर में कफ्र्य जैसे नियंत्रण लागू करने का फैसला किया है।

रम्बन, किश्तवाड़ और ड़ोडा जिले में भी भाजपा कार्यकर्ताओं को घाटी में प्रवेश करने से रोकने के लिए निषेधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।

सूत्रों का कहना है कि हवाई मार्ग से यहां पहुंच रहे यात्रियों की भी पूरी निगरानी की जा रही है।

इधर, नई दिल्ली में राजघाट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह अभी भी धरने पर बैठे हुए हैं। राजनाथ ने पत्रकारों से कहा, "तिरंगा फहराना हमारा मौलिक अधिकार है। यह पूरी तरह अलोकतांत्रिक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार के साथ केंद्र की सरकार भी लाल चौक पर तिरंगा फहराने से हमें रोक रही है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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