चिदम्बरम ने सुषमा, जेटली से दिल्ली लौटने की अपील की (लीड-1)
उन्होंने कहा कि घाटी में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो इसको ध्यान में रखते हुए भाजपा को अपनी योजना स्थगित कर देनी चाहिए।
चिदम्बरम ने एक बयान में कहा, "मैं विपक्ष के दोनों नेताओं और उनके समर्थकों से अपील करना चाहूंगा कि वे टकराव का रास्ता छोड़कर दिल्ली लौट आएं और गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हों।"
उन्होंने कहा, "उस राजनीति एजेंडे को कभी जायज नहीं ठहराया जा सकता जो जम्मू एवं कश्मीर की शांति और कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित करता हो।"
सोमवार शाम को जम्मू हवाई अड्डे पर लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को हिरासत में लेकर उन्हें देर रात राज्य की सीमा से बाहर ले जाकर छोड़ दिया गया। दोनों नेता पार्टी की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा में शरीक होने के लिए जम्मू पहुंचे थे।
जम्मू एवं कश्मीर की सरकार पहले ही कह चुकी है कि वह किसी भी राजनीतिक संगठन को श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की अनुमति नहीं देगी।
चिदम्बरम ने बयान में कहा है, "सोमवार को मैंने अरुण जेटली और उमर अब्दुला से बात की थी।"
उन्होंने कहा, "मैंने जेटली से कहा था कि उन्हें और उनके साथियों को जम्मू एवं कश्मीर सरकार के फैसले का सम्मान करना चाहिए। राज्य सरकार कानून एवं व्यवस्था और शांति की स्थिति को बेहतर तरीके से आंकलन कर सकती है।"
गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा नेताओं से कहा गया कि वे जम्मू हवाईअड्डे पर एक संवाददाता सम्मेलन करने के बाद राज्य छोड़ सकते हैं लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
गौरतलब है कि भाजपा ने गणतंत्र दिवस पर श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने का ऐलान किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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