दमोह में फिर एक किसान ने कीटनाशक पिया
दमोह, 24 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया के गृह जिले दमोह में फसल की बर्बादी से परेशान किसानों की आत्महत्या व प्रयास का सिलसिला जारी है। सोमवार को फिर एक किसान ने कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश की। अब तक तीन किसान जान दे चुके हैं, वहीं छह ने जान देने की कोशिश की है।
जानकारी के मुताबिक बटियागढ़ तहसील के सुम्मेर गांव के युवा किसान महेंद्र पटेल ने कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश की। महेंद्र और उसके भाई के पास 17 एकड़ जमीन है। इस बार शीतलहर ने उसकी फसल को चौपट कर दिया है। महेंद्र के परिजनों के अनुसार वह फसल की बर्बादी से परेशान था और पिछले कई दिनों से तनाव में था।
महेंद्र ने सोमवार की सुबह अपने खेत पर जाकर कीटनाशक पी लिया। उसे गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय में लाया गया है। पिछले दिनों मझौली गांव के किसान हल्ले राजपूत ने भी कीटनाशक पिया था।
इस तरह प्रदेश में लगभग डेढ़ माह में 11 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इनमें तीन किसान दमोह, दो-दो सीहोर व छतरपुर, एक-एक सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, विदिशा जिले के हैं। इसके अलावा सात ने आत्महत्या की कोशिश की है।
वहीं भोपाल में प्रदेश सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने बताया है कि प्रदेश में अब तक 21 आत्महत्या और प्रयास के मामले सामने आए हैं। वह इन प्रकरणों को फसल की बर्बादी व कर्ज के बोझ से जोड़ना उचित नहीं समझते। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को हर संभव मदद कर रही है। अब तक 153 करेाड़ रुपये की राहत राशि मंजूर की जा चुकी है। वहीं 25 हजार किसानों को छह करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है।
मिश्रा ने बताया कि केंद्र सरकार को अंतरिम राहत के लिए 1505 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। इस पर केंद्र सरकार ने अब तक कोई फैसला नहीं लिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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