तिरंगा यात्रा पर टकराव, सुषमा-जेटली को रोका

बीनू जोशी
बीबीसी संवाददाता, जम्मू
गणतंत्र दिवस पर भारत प्रशासित श्रीनगर के लाल चौक पर राष्ट्रीय झंडा फहराने के मामले में टकराव बढ़ता जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी श्रीनगर में गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा फहराने पर अड़ी हुई है
सोमवार को जम्मू पहुंचे भाजपा के शीर्ष नेताओं को हवाई अड्डे से बाहर नहीं निकलने दिया गया.
इसके बाद भाजपा नेता सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और अनंत कुमार जम्मू हवाई अड्डे पर ही धरने पर बैठ गए.
उल्लेखनीय हाल में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि राजनीतिक दल ऐसी गतिविधियाँ न करें जिनसे जम्मू-कश्मीर में विभिन्न वर्गों के बीच दरार पैदा हो.
तय कार्यक्रम के मुताबिक मंगलवार को भाजपा की तिरंगा यात्रा को जम्मू से श्रीनगर की ओर रवाना होना है. लेकिन राज्य पुलिस ने क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और सिर्फ़ एकतरफ से ट्रैफिक की अनुमति दी गई है.
दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दोनों सदनों में विपक्ष के नेता सुषमा स्वराज और अरुण जेटली को जम्मू में घुसने की अनुमति नहीं दी जा रही है.
केंद्र पर निशाना
रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को जम्मू में घुसने न देना का फ़ैसला केंद्र सरकार के इशारे पर किया गया.
श्रीनगर के लाल चौक में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है
भाजपा प्रवक्ता का कहना था कि भाजपा का मकसद 26 जनवरी को लाल चौक पर तिरंगा फहराकर अलगाववादियों को ये संदेश देना है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.
ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला श्रीनगर में भाजपा के तिरंगा फहराने के कार्यक्रम के ख़िलाफ़ विचार व्यक्त कर चुके हैं और कह चुके हैं कि अलगाववादियों को बिना बात उकसाने की कोई ज़रूरत नहीं है.
भाजपा ने इस कार्यक्रम को एकता यात्रा का नाम दिया है और 12 जनवरी से कोलकाता से इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी.
उधर कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा है कि भाजपा ये सब ध्यान बाँटने के मक़सद से कर रही है ताकि वह ख़ुद को सबसे सक्रिय राष्ट्रवादी साबित कर सके.


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