भारत रत्न भीमसेन जोशी नहीं रहे (राउंडअप)

हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के पुरोधा जोशी का सोमवार को पुणे के सहयाद्री अस्पताल में सुबह 8.05 बजे निधन हो गया। 88 वर्षीय संगीतज्ञ के अंतिम दर्शन के लिए देशभर से हजारों लोग उनके आवास के बाहर एकत्र हुए, जिनमें कई प्रमुख कलाकार शामिल थे। जोशी को वर्ष 2008 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया था।

वह चार फरवरी को अपने जीवन का 89वां वर्ष पूरा करने वाले थे। वह कई बीमारियों से जूझ रहे थे और उन्हें किडनी से सम्बंधित बीमारियां भी थीं। उन्हें 31 दिसम्बर को सहयाद्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें 25 दिनों तक गहन चिकित्सा कक्ष में जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया।

जोशी के चिकित्सक अतुल जोशी ने आईएएनएस से कहा, "शनिवार शाम को उनकी स्थिति और खराब हो गई। तमाम प्रयासों के बाद भी उनकी स्थिति खराब होती गई और सोमवार सुबह 8.05 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।"

जोशी के निधन के समय उनके निकट सम्बंधी और परिवार के सदस्य उनके पास मौजूद थे।

जोशी का आवास 'कलाश्री' नवी पीठ इलाके के मध्य में स्थित है। उनके आवास के बाहर लोग जोशी के अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हुए।

पंडित जोशी के निधन पर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील एवं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित कई राजनेताओं ने जोशी को हिन्दुस्तानी संगीत के शिखरपुरुष की संज्ञा देते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति पाटील ने अपने शोक संदेश में कहा, "उनके निधन से देश ने एक महान एवं लोकप्रिय शास्त्रीय गायक को खो दिया है।" उन्होंने जोशी को 'किराना घराना की खयाल गायकी के सर्वाधिक सम्मानित प्रतिनिधियों में से एक' बताया।

मनमोहन सिंह ने कहा कि वह शोक की इस घड़ी में दुनियाभर के उन संगीत प्रेमियों में शामिल हैं जिन्हें प्रतिष्ठित गायक जोशी के निधन से शोकाकुल हैं।

अपने शोक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, "जोशी के निधन से देश और संगीत संसार ने संगीत के एक शिखरपुरुष को खो दिया है। वह किराना घराना के सर्वाधिक प्रसिद्ध एवं निपुण प्रतिनिधि थे।"

उन्होंने कहा कि जोशी ने अपनी अनूठी गायन शैली एवं से हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत में नवचेतना का संचार किया। रागों पर उनकी अच्छी पकड़ थी। सिंह ने कहा, "जोशी ने यह दिखा दिया कि संगीत किसी भाषा या संस्कृति की सीमा को नहीं मानता।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "राष्ट्रीय एकता विषय पर आधारित उनकी प्रस्तुति 'मिले सुर मेरा तुम्हारा..' बहुत ही लोकप्रिय हुआ।'

जोशी को श्रद्धांजलि देने वालों में वरिष्ठ गायिका प्रभा अत्रे और अरुण दते, प्रख्यात सरोदवादक उस्ताद अमजद अली खान, प्रमुख गायिका शिवानी शिंदे, उपेंद्र भट्ट, आनंद भट्ट और मालिनी राजुरकर शामिल थे।

दते ने कहा, "पंडित जी भारतीय शास्त्रीय संगीत के खयाल गायकी के सबसे प्रमुख व्यक्ति थे। मैं उनके निधन से बहुत दुखी हूं।" वहीं प्रभा अत्रे ने जोशी को विश्व रत्न करार दिया।

किराना घराने का शास्त्रीय संगीत सीखने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि जोशी को 'खयाल', 'अभंग' तथा 'भजन' गायकी के लिए जाना जाता था।

सुविख्यात गायक पंडित जोशी के निधन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी गहरा शोक प्रकट किया है। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने एक बयान जारी कर कहा, "दशकों से अपने मधुर एवं ओजस्वी स्वर से सभी को मंत्रमुग्ध कर देने वाले की आवाज अब कभी सुनाई नहीं देगी, यह विश्वास नहीं होता। उनके यूं चले जाने से लगता है कि संगीत के इंद्रधनुषी रंगों में से एक रंग लुप्त हो गया है।"

गडकरी ने कहा, "किराना घराना के पंडित जोशी ने 'मेरा' और 'तुम्हारा' सुरों को मिलाकर 'हमारा सुर' बनाया था। आज यही स्वर शांत हो गया है। उनके निधन से न केवल संगीत की दुनिया और उनके प्रशंसकों का चहेता चला गया है, अपितु भारत का रत्न भी हमसे दूर चला गया है।"

गडकरी ने कहा, "मैं उनके प्रति अपनी विनम्र श्रद्घांजलि अर्पित करता हूं, साथ ही उनके परिजनों तथा प्रशंसकों को इस असहनीय दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।"

शोकाकुल देश के हजारों संगीत प्रेमियों ने नम आंखों से पंडित जोशी को अंतिम विदाई दी। उनके पार्थिव शरीर को पुणे के वैकुंठ शवदाह गृह में पूरे राजकीय सम्मान के साथ पवित्र अग्नि को समर्पित किया गया।

इससे पहले जोशी के पार्थिव शरीर को अस्पताल से उनके आवास 'कलाश्री' में लाया गया, जहां पुणे के हजारों निवासियों ने पं.जोशी को श्रद्धंजलि दी। दोपहर बाद लगभग तीन बजे शहर के मध्य स्थित वैकुंठ शवदाह गृह के लिए उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई।

पं.जोशी की अंत्येष्टि के समय मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चाण, राज्य के कई कैबिनेट मंत्री, केंद्रीय विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा, संगीत जगत के की प्रमुख हस्तियां एवं हजारों संगीत प्रेमी मौजूद थे।

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार जो पुणे से ताल्लुक रखते हैं, इस अवसर पर नहीं पहुंच पाए, जबकि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री गुरुदास कामत ने शोक-संतप्त परिवार के प्रति संवेदना संदेश भेजा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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