सप्ताह भर में पॉस्को पर फैसला : रमेश
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (फिक्की) से मुलाकात के बाद रमेश संवाददाताओं को सम्बोधित कर रहे थे।
पर्यावरण मंत्रालय ने पर्यावरण और वन कानूनों के उल्लंघन के कारण प्रस्तावित पॉस्को परियोजना को मंजूरी नहीं दी है।
पॉस्को की परियोजना के लिए 4,004 एकड़ भूमि की जरूरत है, जिसमें से अधिकांश सरकारी भूमि है। चिह्न्ति भूखंड का 2,900 एकड़ हिस्सा वन क्षेत्र में पड़ता है। स्थानीय निवासी परियोजना का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस परियोजना से वे अपनी जमीन से विस्थापित हो जाएंगे और उनकी पान की खेती बंद हो जाएगी।
सरकार और कम्पनी का दूसरी ओर दावा है कि परियोजना से क्षेत्र में समृद्धि आएगी।
मंत्री ने पुणे की लवासा परियोजना के बारे में भी कहा कि वह एक शांतिपूर्ण समाधान ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं।
पर्यावरण मंत्रालय ने 25 नवम्बर को लवासा लेक सिटी परियोजना को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, क्योंकि कथित तौर पर इस परियोजना के लिए काम शुरू करने से पहले आवश्यक पर्यावरण मंजूरी नहीं ली गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications