इच्छा मृत्यु की याचिका पर चिकित्सकों का दल गठित
सर्वोच्च न्यायालय एक याचिका की सुनवाई कर रहा है, जिसमें 36 साल से कोमा में जी रहे एक मरीज को इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की गई है।
न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू और ज्ञान सुधा मिश्रा की पीठ ने कहा कि फिलहाल देश में ऐसा कोई कानून नहीं है, जो इच्छा मृत्यु की अनुमति देता है।
पीठ ने तीन चिकित्सकों का एक स्वतंत्र दल नियुक्त किया, जो मरीज की जांच कर न्यायालय को अपनी रिपोर्ट देगा। न्यायालय ने कहा कि चिकित्सकों की रिपोर्ट देखने के बाद वह फैसला लेगा।
न्यायालय ने वरिष्ठ वकील टी. आर. अंध्यारुजिना को इस मामले में सलाहकार नियुक्त किया और मरीज की इच्छा मृत्यु की याचिका के बारे में महान्यायवादी जी. वाहनवती को नोटिस भेजा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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