मिर्चपुर हिंसा : जाट समुदाय का प्रदर्शन 10वें दिन भी जारी
जाट समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने जींद रेलवे स्टेशन के समीप दिल्ली-फिरोजपुर रेलमार्ग और जिले को राज्य के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले राजमार्गो और सड़कों की नाकेबंदी कर दी। प्रदर्शकारियों ने हिसार, फतेहाबद और रोहतक जिले में भी मुहत्वपूर्ण रेल और राजमार्गो की नाकेबंदी की।
जाट महापंचायत ने मिर्चपुर जातीय हिंसा मामले की छानबीन केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग कर रहा है। इसमें एक दलित बुजुर्ग और उसकी एक विकलांग बेटी की मौत हो गई थी।
इसके अलावा प्रदर्शनकारी इस मामले की सुनवाई को दिल्ली से हिसार स्थानांतरित करने और गिरफ्तार जाट युवकों को रिहा करने की भी मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शकारियों ने सरकार को सोमवार शाम तक अपनी मांगें पूरी करने की समय सीमा तय की है।
महापंचायत के सचिव सुरेश कोठ ने कहा, "अगर राज्य सरकार ने सोमवार शाम तक हमारी मांगें नहीं मानीं तो हम अपना आंदोलन और तेज करेंगे। हमारी सभी मांगे वैधानिक हैं और इसे स्वीकार करने में कोई समस्या नहीं है।"
उन्होंने कहा, "अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो हम गणतंत्र दिवस का बहिष्कार करेंगे।"
जींद और हिसार जिले में किसी भी आपातकालीन हालात से निपटने के लिए भारी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा अर्धसैनिक बलों की छह कम्पनियों को भी तैनात किया गया है।
जींद के पुलिस अधीक्षक राम सिंह बिश्नोई ने बताया, "हम हालात की समीक्षा कर रहें और जल्द की अगला कदम उठाया जाएगा। हम उन्हें रेल और सड़क मार्ग की नाकेबंदी करने की इजाजत नहीं दे सकते जिससे कि लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़े।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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