तिरंगा यात्रा के मद्देनजर जम्मू एवं कश्मीर में कड़ी सुरक्षा, सीमा सील (लीड-1)
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "भाजपा की तिरंगा यात्रा के लिए उसके कार्यकर्ताओं को जम्मू एवं कश्मीर में दाखिल होने से रोकने के लिए राज्य और पंजाब के बीच की सीमा सील कर दी गई है।"
राज्य की कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने जैसा कोई कदम न उठाने के जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री के अनुरोध के बावजूद भाजपा की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने घोषणा की है कि वह अपनी तिरंगा यात्रा जारी रखेगी और 26 जनवरी को लाल चौक पर तिरंगा फहराएगी।
भाजपा के इस कदम के खिलाफ जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) ने भी गणतंत्र दिवस पर लाल चौक तक जुलूस निकालने की घोषणा की है।
एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने यहां बताया, "गणतंत्र दिवस समारोहों के दौरान कोई गड़बड़ी न होने देने के लिए तय किया गया है कि किसी को भी यहां के शांतिपूर्ण वातावरण में बाधा पहुंचाने की इजाजत न दी जाए। "
घाटी में गणतंत्र दिवस के मुख्य आयोजन स्थल बख्शी स्टेडियम के आसपास अवरोधक लगा दिए गए हैं। स्टेडियम के आसपास की सभी ऊंची इमारतों की तलाशी ली गई है। सोमवार को बख्शी स्टेडियम में कड़ी सुरक्षा के बीच गणतंत्र दिवस समारोह का पूर्वाभ्यास भी किया गया।
उत्तरी और दक्षिणी दोनों जिलों से श्रीनगर में दाखिल होने वाले सभी वाहनों की पूरी तरह तलाशी ली जा रही है।
पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों की भारी तैनाती के अतिरिक्त क्लोज सर्किट टेलीविजन कैमरों (सीसीटीवी) से भी नजर रखी जा रही है। ये कैमरे मुख्य चौराहों और संवेदनशील सुरक्षा प्रतिष्ठानों में लगाए गए हैं। लाल चौक पर विशेष चौकसी बरती जा रही है।
पंजाब से सटे इस क्षेत्र में पुलिसबल तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस लाठियों, आंसू गैस के गोलों से लैस है और वह रावी नदी के पुल पर पैनी नजर रखे हुए है। इस पुल के मध्य को पंजाब और जम्मू एवं कश्मीर की विभाजक रेखा माना जाता है।
करीब 100 मीटर के पुल पर तैनात पुलिस अधिकारियों में से एक ने बताया, "हमें हिदायत दी गई है कि भाजपा कार्यकर्ताओं को यहां से हरगिज राज्य में दाखिल होने की इजाजत न दी जाए।"
जम्मू एवं कश्मीर सीमा पर 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं तथा बहुत से अन्य को तैयार रखा गया है। पुलिस अधिकारियों को मोबाइल फोन या वायरलैस सेट्स के माध्यम से हिदायते दी जा रही हैं और उनके शीर्ष अधिकारी ताजा हालात का जानकारी ले रहे हैं।
ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि भाजपा कार्यकर्ता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के वेश में देश के अन्य हिस्सों से राज्य में दाखिल हो सकते हैं और गड़बड़ी फैला सकते हैं।
पंजाब से आने वाली सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग 1-ए के नाम से जाना जाता है और यही इकलौता सड़क मार्ग जम्मू एवं कश्मीर को शेष भारत से जोड़ता है। लखनपुर के बहुत से प्रवेश द्वार हैं।
कठुआ की उपायुक्त जाहिदा खान ने कई बार शहर का दौरा किया और हिदायतें दीं लेकिन उन्होंने संवाददाताओं के प्रश्नों का जवाब देने से इंकार कर दिया। यह क्षेत्र खान के ही अधिकारक्षेत्र में आता है।
एक शीर्ष अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "भाजपा कार्यकर्ताओं को जम्मू एवं कश्मीर में दाखिल होने से रोकने के लिए सभी जरूरी उपाय कर लिए गए हैं।" उन्होंने बताया कि पुलिस को हिदायत दी गई है कि आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग किया जाए।
सामान की आपूर्ति करने वाले ट्रकों तक की तलाशी ली जा रही है। जम्मू एवं कश्मीर को सभी प्रकार की आपूर्ति इसी सड़क मार्ग से की जाती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस क्षेत्र में ऐसी सख्ती पहले कभी नहीं की गई। उधर पुलिस का कहना है कि घाटी में इस तरह के सुरक्षा प्रबंध सामान्य है। श्रीनगर के पुलिस अधीक्षक आशिक हुसैन बुखारी ने कहा, "इस साल के हमारे प्रबंधों में कुछ नया नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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