राष्ट्रपति से मिला भाजपा प्रतिनिधिमंडल, भारद्वाज को वापस बुलाने की मांग (लीड-2)
भ्रष्टाचार के एक मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा के खिलाफ राज्यपाल द्वारा मुकदमा चलाने की अनुमति देने के संदर्भ में भाजपा नेताओं के इस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को 15 पृष्ठों का एक ज्ञापन भी सौंपा।
मुलाकात के बाद राष्ट्रपति भवन के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में आडवाणी ने कहा, "हम यहां राष्ट्रपति का दरवाजा खटखटाने आए हैं क्योंकि भारद्वाज जिस तरीके से काम कर रहे हैं वह संविधान के खिलाफ है।"
उन्होंने कहा, "राज्यपाल ने संविधान का अपमान किया है। वह पहले दिन से ही पक्षपाती हैं और उन्होंने पद की गरिमा को धूमिल किया है।" आडवाणी ने आरोप लगाया कि राज्यपाल अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षा पूरा करना चाहते हैं।
आडवाणी ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति से कहा कि जब किसी व्यक्ति को राज्यपाल बनाया जाता है तो उससे अपेक्षा की जाती है कि वह संविधान के तहत और अपने पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए काम करे लेकिन कर्नाटक में ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा, "हमने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि वह राज्यपाल को तुरंत वापस बुलाएं। उन्हें वापस बुलाए जाने से कर्नाटक की जनता, देश के संविधान और राज्यपाल पद की गरिमा की रक्षा होगी।"
आडवाणी ने कहा कि कुछ महीने पहले ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर हमने कर्नाटक के राज्यपाल के आचरण की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया था।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में आडवाणी के अलावा लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली, वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू और कर्नाटक से भाजपा के सांसद शामिल थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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