राज्यपाल का फैसला संविधान के खिलाफ : आडवाणी (लीड-1)
नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सोमवार को कहा कि कर्नाटक में राज्यपाल हंसराज भारद्वाज का फैसला पूरी तरह से संविधान के खिलाफ है। भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील से मुलाकात कर कर्नाटक के राज्यपाल को वापस बुलाने की मांग की।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद आडवाणी ने कहा, "हमने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें हमने अपनी बात की पुष्टि के समर्थन में कई परिशिष्ट सौंपे हैं।"
उन्होंने कहा कि हमने राष्ट्रपति से कहा कि जब किसी व्यक्ति को राज्यपाल बनाया जाता है तो उससे अपेक्षा की जाती है कि वह संविधान के तहत और अपने पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए काम करे लेकिन कर्नाटक में ऐसा नहीं हुआ।
आडवाणी ने कहा, "हमने राष्ट्रपति से कर्नाटक के राज्यपाल के आचरण को लेकर शिकायत की है। हमने उन्हें बताया कि पहले दिन से ही उनका आचरण पक्षपातपूर्ण और संविधान के अनुरूप नहीं था।"
उन्होंने कहा, "हमने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि वह राज्यपाल को तुरंत वापस बुलाएं। उन्हें वापस बुलाए जाने से कर्नाटक की जनता, देश के संविधान और राज्यपाल पद की गरिमा की रक्षा होगी।" आडवाणी ने कहा कि भारद्वाज ने इस पद की गरिमा को धूमिल किया है।
आडवाणी ने कहा कि कुछ महीने पहले ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर हमने कर्नाटक के राज्यपाल के आचरण की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया था।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में आडवाणी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली, वेंकैया नायडू और कर्नाटक से भाजपा के सांसद शामिल थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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