मिर्चपुर हिंसा : जाट समुदाय के प्रदर्शन से यातायात बाधित (लीड-1)
प्रदर्शन के चलते राज्य और अन्य सार्वजनिक परिवहन की ज्यादातर बसें नहीं चलीं।
जाट समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने लगातार नौवें दिन भी पटरियों पर घेराबंदी जारी रखी। प्रदर्शनकारियों ने जींद रेलवे स्टेशन के निकट दिल्ली-फिरोजपुर रेलमार्ग को पिछले नौ दिनों से अवरुद्ध कर रखा है।
उन्होंने रविवार को अपने प्रदर्शन का दायरा बढ़ाते हुए राज्य के महत्वपूर्ण सम्पर्क सड़कों और राजमार्गो को भी अवरुद्ध कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने जींद जिले से भिवानी, सोनीपत, बरवाला और पटियाला जाने वाले रास्तों को जाम कर दिया। इसके अलावा उन्होंने हिसार जिले में मयाद गांव के निकट दिल्ली और हिसार रेल पटरी को भी अवरुद्ध कर दिया।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "ज्यादातर यात्री रेलगाड़ियों को स्थगित कर दिया गया है जबकि लंबी दूरी की रेलगाड़ियां देरी से चल रही हैं। हमने रेलगाड़ियों को वैकल्पिक मार्गो से रवाना किया है।"
अधिकारी के मुताबिक प्रदर्शन के चलते पिछले एक सप्ताह में रेलवे को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार से अर्धसैनिक बलों की 10 अतिरिक्त कम्पनियों की मांग की है।
उधर, 42 खाप पंचायतों के समूह जाट महापंचायत ने मिर्चपुर जातीय हिंसा मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों की यह माग है कि मामले की सुनवाई को दिल्ली से हिसार स्थानांतरित किया जाय।
राज्य सरकार इस मामले को सीबीआई को सौंपने को सहमत हो गई है लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अब इस मामले की जांच एसआईटी से कराने की मांग की है।
जाट महापंचायत के सचिव सुरेश कोठ ने बताया, "हम सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं है और मामले की जांच एसआईटी से कराने की मांग करते हैं। अभी तक सरकारी अधिकारियों के साथ तीन बार हमारी बातचीत हुई है लेकिन अभी कोई हल नहीं निकला है। "
कोठ ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
हरियाणा के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष फूल चंद मुलाना ने रविवार को समुदाय से प्रदर्शन समाप्त करने का अनुरोध किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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