शहरी आवास के लिए रणनीति की जरूरत : मुखर्जी
चेन्नई, 23 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को यहां कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में विकास शहरीकरण की गति को बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि शहरी सेवाओं की गुणवत्ता और आवासों की मांग पूरी करने के लिए एक उपयुक्त रणनीति बनाने की जरूरत है।
अखिल भारतीय भवननिर्माता सम्मेलन की 24वीं बैठक को सम्बोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा, "आर्थिक विकास में निरंतर वृद्धि से अगले 25 वर्षो में शहरी क्षेत्रों की जनसंख्या दोगुनी हो जाएगी। वैश्विक प्रवृत्ति के साथ शहरीकरण का विकास हो रहा है।"
शहरी क्षेत्रों में आवासों और सुविधाओं की मांग पूरी करने के लिए उन्होंने एक रणनीति की आवश्यकता पर जोर दिया। मुखर्जी ने शहरी क्षेत्रों में आवासों की कमी को निर्माण क्षेत्रों के लिए एक सुनहरा मौका करार दिया।
मुखर्जी ने हालांकि कहा कि जरूरत को पूरा करना केवल एक व्यावसायिक प्रस्ताव नहीं बल्कि इसमें एक सामाजिक सरोकार भी है।
उन्होंने उल्लेख किया कि 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान बुनियादी ढांचे में 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश होना है। इस लक्ष्य को पूरा करना निर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
मुखर्जी ने कहा कि निर्माण क्षेत्र के लिए एक अलग मंत्रालय की मांग पर सरकार विचार करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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