प्रधानमंत्री का बयान मनोवैज्ञानिक समर्पण : भाजपा
राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने रविवार को यहां संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए कहा, "जब दो लोग दिल्ली में आकर जम्मू एवं कश्मीर के अलगाव की बात करते हैं तो उसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता करार दिया जाता है और जब तिरंगा फहराने के अपने सार्वभौमिक अधिकार की बात हो रही है तो विघटनकारी बताया जा रहा है।"
प्रधानमंत्री के बयान को अस्वीकार्य करार देते हुए जेटली ने आश्चर्य व्यक्त किया कि तिरंगा फहराना कैसे विघटनकारी और उत्तेजक हो सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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