मिर्चपुर हिंसा : जाट समुदाय ने एसआईटी जांच की मांग की
जींद, 23 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा में पिछले साल की मिर्चपुर जातीय हिंसा मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी)से कराने की मांग को लेकर जाट समुदाय के सैकड़ों लोगों ने रविवार को जींद जिले में सड़कों पर जाम लगाया।
मिर्चपुर की इस हिंसा में दलित समुदाय के एक बुजुर्ग और उनकी बेटी की हत्या कर दी गई थी।
जाट समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने लगातार नौवें दिन भी पटरियों पर घेराबंदी जारी रखी। प्रदर्शनकारियों ने जींद रेलवे स्टेशन के निकट दिल्ली-फिरोजपुर रेलमार्ग को पिछले नौ दिनों से अवरुद्ध कर रखा है।
जाट समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने रविवार को प्रदर्शन का दायरा बढ़ाते हुए राज्य के महत्वपूर्ण सड़कों और राजमार्गो को भी अवरूद्ध कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने जींद जिले से भिवानी, सोनीपत, बरवाला और पटियाला जाने वाले रास्तों को जाम कर दिया। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने हिसार जिले में मयाद गांव के निकट दिल्ली और हिसार रेल पटरी को भी अवरुद्ध कर दिया।
राज्य सरकार पहले से ही भारी संख्या में स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां तैनात कर चुकी हैं और अब उसने केंद्र से अर्धसैनिक बलों की 10 अतिरिक्त कम्पनियों की मांग की है।
उधर, जाट महापंचायत ने मिर्चपुर जातीय हिंसा मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों की यह माग है कि मामले की सुनवाई को दिल्ली से हिसार स्थानांतरित किया जाय।
राज्य सरकार इस मामले को सीबीआई को सौंपने को सहमत हो गई है लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अब इस मामले की जांच एसआईटी से कराने की मांग की है।
जाट महापंचायत के सचिव सुरेश कोठ ने बताया, "हम सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं है और मामले की जांच एसआईटी से कराने की मांग करते हैं। अभी तक सरकारी अधिकारियों के साथ तीन बार हमारी बातचीत हुई है लेकिन अभी कोई हल नहीं निकला है। "
कोठ ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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