निवेश के लिए जापानी कम्पनियों का पसंदीदा राज्य है हरियाणा
चण्डीगढ़, 23 जनवरी (आईएएनएस)। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कम्पनी मारुति सुजुकी की शानदार सफलता के बाद हरियाणा जापानी कम्पनियों के लिए निवेश का पसंदीदा स्थान बन गया है।
आकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ वर्षो में जापानी कम्पनियों ने प्रदेश में 4,282 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है जो प्रदेश में होने वाले कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का 33 फीसदी है।
जापानी कम्पनियों की सफलता की यह कहानी मारुति सुजुकी के नेतृत्व में लिखी जा रही है। पिछले 25 साल से कम्पनी ने प्रदेश में स्थित अपने संयंत्रों के दम पर कारोबारी ऊंचाई को छुआ है। गुड़गांव और मानेसर में कम्पनी के संयंत्र हैं।
प्रदेश में निवेश करने वाली प्रमुख जापानी कम्पनियों में सुजुकी के अलावा, होंडा, कैनन, याकुल्ट, डेंसो, मित्सुबिसी, टोयो, दैकिन, योकोहामा, शावा, निप्पोन, कैनसुई पेंट्स, असाही और स्टेंली शामिल हैं।
इतना ही नहीं इन कम्पनियों से जुड़े करीब दो हजार जापानी नागरिक प्रदेश में अपना आशियाना बना चुके हैं।
वर्ष 2005 में एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान का दौरा कर चुके मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा था, "अपने गुड़गांव संयंत्र की सफलता से अभिभूत सुजुकी मोटर कम्पनी के ओसामु सुजुकी ने कहा था सुजुकी भारत में जो भी निवेश करेगी वह हरियाणा में होगा और सुजुकी ने वादे को सही साबित किया है।" कम्पनी ने राजधानी दिल्ली से करीब 50 किलोमीटर दूर मानेसर में अपना दूसरा संयंत्र स्थापित किया है।
इस बारे मुख्यमंत्री हुड्डा ने कहा, "हरियाणा हमेशा से उनके लिए एक पसंदीदा निवेश स्थान रहा है।"
जापानी निवेश के बारे में हरियाणा राज्य औद्यागिक और आधारभूत संरचना निगम के अधिकारियों ने कहा कि जापान के साथ हुए 192 समझौतों की बदौलत ये निवेश हुए हैं।
हाल के वर्षो में हरियाणा में 53 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, और करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
जापानी निवेश से उत्साहित राज्य सरकार ने घोषणा की कि वह एक जापानी टाउनशिप का विकास करेगी। इसका विकास रोहतक जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 10 से लगे मदिना गांव में होगा, जो राजधानी दिल्ली करीब 60 किलोमीटर दूर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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