प्रधानमंत्री की अपील को भाजपा ने किया खारिज (लीड-1)
मनमोहन सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस 'एक पवित्र अवसर है।' उन्होंने कहा, "यह राजनीतिक लाभ हासिल करने का मौका नहीं है और न ही राज्य और स्थानीय प्रशासन के लिए शर्मिदगी उपस्थित करने का है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "ऐसी स्थिति पैदा करने की जरूरत है जिससे समस्या को पूरी तरह से टाला जा सके।" उन्होंने कहा कि विभाजनकारी एजेंडे से बचे जाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने अपने एक बयान में कहा, "मुझे उम्मीद है कि मेरी इस बात पर सभी नागरिक और राजनीतिक पार्टियां गौर करेंगी और ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जिससे शांति और सद्भाव भंग हो अथवा गणतंत्र दिवस की मर्यादा पर आंच आए।"
प्रधानमंत्री ने भाजयुमो की 'एकता यात्रा' का अप्रत्यक्ष रूप से हवाला देते हुए कहा, "संवेदनशील राज्य जम्मू एवं कश्मीर में अत्यधिक संयम दिखाने की जरूरत है।"
उल्लेखनीय है कि जम्मू एवं कश्मीर सरकार की दलीलों को दरकिनार करते हुए भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह गणतंत्र दिवस के मौके पर अपनी योजना के अनुसार श्रीनगर के लालचौक पर राष्ट्रध्वज फहराएगी जबकि राज्य सरकार ने कहा है कि वह इसके लिए अनुमति नहीं देगी।
भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा, "प्रधानमंत्री ने जो रुख अख्तियार किया है उससे हम चकित हैं, उन्होंने उनका पक्ष लिया है जो राष्ट्रध्वज फहराने का विरोध और भारत विरोधी भावनाओं को भड़का रहे हैं।"
उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या भारत में किसी जगह राष्ट्रध्वज फहराना 'राष्ट्र विरोधी' है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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