असीमानंद को अजमेर ले गई राजस्थान एटीएस
चण्डीगढ़, 22 जनवरी (आईएएनएस)। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में 2007 में हुए विस्फोट में भूमिका की जांच के लिए राजस्थान पुलिस शनिवार को उग्र हिंदूवादी कार्यकर्ता स्वामी असीमानंद को अजमेर ले गई। इस विस्फोट में तीन लोग मारे गए थे।
अजमेर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने राजस्थान की अदालत में पेशी के लिए 18 जनवरी को असीमानंद के खिलाफ वारंट जारी किया था। इसी सिलसिले में राजस्थान पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) के अधिकारी असीमानंद को अजमेर ले गए।
असीमानंद यहां से लगभग 35 किलोमीटर दूर हरियाणा के अंबाला जेल में 13 जनवरी से बंद थे। उन्हें 2007 में हरियाणा के पानीपत में समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट के सिलसिले में यहां रखा गया था। उन्होंने 15 जनवरी को यहां के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष इस मामले के सम्बंध में अपना बयान दर्ज करवाया था।
दक्षिणपंथी हिंदूवादी संगठन अभिनव भारत के सदस्य असीमानंद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने समझौता एक्सप्रेस विस्फोट में कथित संलिप्तता के आरोप में पिछले वर्ष 23 दिसम्बर को हैदराबाद से यहां लाया था।
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस रेलगाड़ी के दो डिब्बों में विस्फोट हुआ था, जिसमें 68 लोग मारे गए थे। मरने वालों में ज्यादातर पाकिस्तानी नागरिक थे।
असीमानंद 2007 में हैदराबाद की मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट के आरोपी भी हैं। इस विस्फोट में 14 लोगों की मौत हुई थी।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मक्का मस्जिद विस्फोट में कथित भूमिका को लेकर असीमानंद को पिछले वर्ष 19 नवम्बर को हरिद्वार से गिरफ्तार किया था। वह पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के निवासी हैं और वनस्पति विज्ञान में परा-स्नातक हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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