बंद से पूर्वोत्तर में जनजीवन प्रभावित
इस बीच असम सरकार ने प्रभावित इलाकों, खासकर पर्वतीय स्थलों पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। बंद के मद्देनजर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम और दक्षिणी असम को जाने वाली कई रेलगाड़ियां का परिचालन फिर रद्द कर दिया है।
जिला प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार दीमाराजी जनजातियों की संयुक्त कार्य समिति के आह्वान पर 36 घंटे का बंद गुरुवार को खत्म ही हुआ था कि इंडीजीनियस पीपुल्स फ्रंट (आईपीएफ) ने 100 घंटे के बंद का एलान कर दिया। आईपीएफ गैर दिमासा जनजातियों- कुकी, नागा, पइते और ह्मार का मुख्य संगठन है।
ज्ञात हो कि दीमाराजी जनजाति दक्षिणी असम के चार जिलों - दिमा हसाओ, करबी आंगलोंग, नागौन और कछार को मिलाकर अगल राज्य की मांग कर रही है।
दीमाराजी जनजाति द्वारा कराया गया बंद गुरुवार सुबह खत्म हुई। इस दौरान त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम एवं दक्षिणी असम तथा देश के अन्य भागों के बीच रेल एवं सड़क यातायात बाधित रहा।
बंद खत्म होने के कुछ घंटों के अंदर ही आईपीएफ ने दिमा हसाओ जिले के बंटवारे की मांग को लेकर 100 घंटे के बंद का एलान कर दिया जो शुक्रवार शाम से शुरू हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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