जापान ने बीबीसी से जताया ऐतराज
जापानी दूतावास ने कहा कि कार्यक्रम के प्रस्तोता स्टीफेन फ्राय ने जापानी नागरिक सुतामू यामागुची का मजाक उड़ाया है।
डेली मेल में छपी खबर के मुताबिक यामागुची को दुनिया का सबसे दुर्भाग्यशाली व्यक्ति बताया गया था। बीबीसी ने इसके लिए क्षमा मांगी है और कहा कि वह दूतावास को पत्र लिखेगा।
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिरोशिमा पर 6 अगस्त, 1945 में हुए परमाणु बम हमले में यामागुची बुरी तरह झुलस गए थे। अगले दिन उन्होंने किसी तरह ट्रेन पकड़ी और नागासाकी में अपने घर चले गए। हिरोशिमा और नागासाकी में हुए बम हमले में करीब 2,00,000 लोग मारे गए थे। यामागुची इसे झेल गए थे। उनका 93 साल की उम्र में पिछले साल निधन हो गया।
क्रिसमस के पहले इस कार्यक्रम में यामागुची की कहानी का मजाक उड़ाया गया।
एक हास्य कलाकार ने कहा कि बम पहले यामागुची पर गिरा और बाद में उछलकर हीरोशिमा और नागासाकी पर गिरा। उसने कहा कि यामागुची ने उसके बाद कभी भी ट्रेन नहीं पकड़ी होगी।
कार्यक्रम देख रहे जापानी नागरिकों ने इस बारे में दूतावास से शिकायत की, जिसके बाद दूतावास ने अपना विरोध जताया।
यामागुची की पुत्री 62 वर्षीय ताषिको यामासाकी ने कहा कि वह अपने पिता का मजाक उड़ाने के लिए इस कार्यक्रम को कभी माफ नहीं करेगी।
कार्यक्रम के प्रोड्यूसर ने कहा कि वे मामले की संवेदनशीलता को नहीं समझ पाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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