प्रधानमंत्री ने बच्चों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया
इनमें केरल में दो बच्चों की जिंदगी बचाने वाली 12 वर्षीय बच्ची और मध्य प्रदेश में एक रेलगाड़ी दुर्घटना में 55 वर्षीय व्यक्ति की जान बचाने वाला 15 वर्षीय लड़का शामिल है।
इस अवसर पर मनमोहन सिंह ने कहा कि बच्चों के इस तरह के बहादुरी के कारनामे हर किसी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश को इन बच्चों पर गर्व है।
वीरता पुरस्कार से मरणोपरांत सम्मानित चंपा कंवर और श्रुति लोधी का जिक्र करते हुए डा. मनमोहन सिंह ने कहा कि उनका बलिदान वीरता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह औरों को भी अच्छे काम के लिए प्रेरित करेगा।
सिंह ने पश्चिम बंगाल की सुनीता मुमुर का विशेष रूप से उल्लेख किया जिन्होंने अपने समुदाय की ज्यादतियों के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने राजस्थान के सात वर्षीय बालक श्रवण कुमार की भी प्रशंसा की जिसने दो बच्चों को आग से बचाया था।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर भारतीय बाल कल्याण परिषद के प्रयासों की भी सराहना की। इस वर्ष का प्रतिष्ठित गीता चोपड़ा पुरस्कार केरल की 14 वर्षीय कुमारी जिस्मी पी एम को दिया गया जिसने दो बच्चों को डूबने से बचाया था। संजय चोपड़ा पुरस्कार उत्तराखंड के 11 वर्षीय मास्टर प्रियांशु जोशी को दिया गया। उसने अपनी बहन को चीते से बचाया था।
ये सभी बच्चे गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेंगे और प्रमुख आकर्षण का केंद्र होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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