बिहार में हाइटेक होगी जन वितरण प्रणाली
राज्य के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्याम रजक ने आईएएनएस को शनिवर को बताया कि जन वितरण प्रणाली में जन सामान्य की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऐसा प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूचना तकनीक का विभाग में पहली बार इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि जन वितरण में गड़बड़ी को रोकने में भी यह प्रयोग जहां कारगर साबित होगा वहीं उपभोक्ताओं को अनाज और किरासन तेल के सम्बंधित दुकानों में पहुंचने की जानकारी के लिए बार-बार दुकानों के चक्कर काटने से भी निजात मिलेगा।
गौरतलब है कि राज्य में करीब 44,317 जन वितरण प्रणाली की दुकान हैं। जिनमें गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल), गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल), अन्त्योदय, अन्नपूर्णा योजना के तहत उपभोक्ताओं को अनाज (गेहूं और चावल) तथा किरासन दिया जाता है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के एक अधिकारी की मानें तो एसएमएस करने की जिम्मेवारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (बीएसओ) और मार्केटिंग पदाधिकारी (एमओ) की होगी जिनकी निगरानी अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) तथा जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) करेंगे। विभाग के इस वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि राज्य के सभी जिलाधिकारियों को एसएमएस सेवा प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों को अनाज और किरासन उठाव की सूचना निगरानी समिति के सदस्यों को देनी होती थी परंतु कई दुकानदार इसकी सूचना समिति को नहीं दे पाते थे और अनाज के कालाबाजारी की आशंका बढ़ जाती थी। अधिकारी ने बताया कि गोदाम से अनाज के उठाव के साथ ही इसकी जानकारी निगरानी समिति व उपभोक्ताओं को दे दी जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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