नंदा देवी राजजात की तैयारियां शुरू
चमोली जनपद के अंतर्गत हिमालय की आराध्य नंदा देवी के मायके से ससुराल जाने की इस रोमांचक यात्रा का आयोजन हर बारहवें वर्ष में किया जाता है।
वसंत पंचमी (आठ फरवरी) के अवसर पर हिमालय क्षेत्र की महाकुंभ कहा जाने वाली नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए गढ़वाल के राजवंशी कांसुवा गांव के राजकुंवर राजजात यात्रा के लिए मनौती रखेंगे।
मान्यता है कि गढ़वाल के राजा शालिपाल ने नौवीं शताब्दी में इस यात्रा की शुरुआत की थी। यह यात्रा पहले चांदपुरगढ़ी से शुरू होती थी, बाद में उन्होंने इसकी जिम्मेदारी कांसवा गांव में निवास कर रहे अपने छोटे भाई कुंवरों को सौंपी, जिसका निर्वहन आज तक हो रहा है। यात्रा से पूर्व भूमि पूजन के बाद राजजात की मनौती मांगी जाती है। मनौती में भक्त देवी को वचन देते हैं कि यह यात्रा पूरी की जाएगी।
नंदा देवी राजजात यात्रा समिति के महामंत्री भुवन नौटियाल ने बताया कि वसंत पंचमी के अवसर पर राजवंशी परिवार के राजगुरु नौटियाल व विद्वान ज्योतिषियों द्वारा ज्योतिषी गणना व शुभ मुहुर्त देखकर आगामी राजजात यात्रा की विधिवत घोषणा की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजकुंवरों के निर्देश पर चमोली जनपद के छिमटा गांव की राजवंशियों द्वारा रिंगाल की पवित्र राज छंतोलियों को बुनने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
सात फरवरी को कांसवा से राजकुमारों का दल नौना, ऐरोली, बैनोली होते हुए मनौती की पूजा सामग्री के साथ नंदा धाम नौटी पहुचेगा। आठ फरवरी को सिद्धपीठ नौटी में मनौती की छंतोलियां अर्पित की जाएंगी व पूजा अर्चना के बाद आगामी नंदा देवी राजजात की विधिवत घोषणा की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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