कर्नाटक में बंद के दौरान हिंसक घटनाएं (लीड-1)
भाजपा द्वारा घोषित एक दिवसीय बंद के दौरान शनिवार को प्रदेश के बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर हजारों यात्री फंसे रहे। बेंगलुरू और प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में सरकारी क्षेत्र की बसों का संचालन नहीं हुआ।
हिंसा की आशंका के चलते प्रदेश के स्कूल और कॉलेज बंद रहे। सरकारी दफ्तरों और बैंकों में कर्मचारियों की उपस्थिति भी नगण्य रही। केवल वही कर्मचारी कार्यालय पहुंच सके जो सुबह जल्दी घर से निकले थे।
बेंगलुरू में परिवहन सेवाएं संचालित करने वाली बेंगलुरू मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन और प्रदेशभर में सेवाएं संचालित करने वाले कर्नाटक प्रदेश सड़क परिवहन निगम ने पथराव की घटनाओं के बाद सुबह दस बजे अधिकांश बसों का संचालन रोक दिया।
बेंगलुरू शहर बस स्टैण्ड और इसके पास मौजूद रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्री फंसे हुए हैं।
हमले का खतरा झेलने का जोखिम उठा रहे कुछ ऑटो और टैक्सी चालक ही यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं लेकिन इसके बदले में वह यात्रियों से मोटी रकम वसूल रहे हैं।
बेंगलुरू शहर पुलिस आयुक्त ने राजधानी में पांच या इससे ज्यादा लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगाते हुए निषेधाज्ञा लागू की है।
भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने शहर के केंद्र में स्थित महात्मा गांधी सर्किल पर रैली निकाली। इस दौरान रैली को संबोधित करते हुए भाजपा महासचिव और लोकसभा सदस्य एच. एन. अनंत कुमार ने कहा कि भारद्वाज द्वारा उठाया गया कदम अवैध और राजनीति से प्रेरित है।
उन्होंने कहा, "हम इसका विरोध करेंगे और भाजपा सरकार अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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