नक्सलवाद बन रहा फैशन : नारायणन (लीड-1)
कोलकाता, 21 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम.के. नारायणन ने शुक्रवार को नक्सलवाद पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालयों में युवाओं के बीच फैशन बन गया है।
उन्होंने कहा कि मानवाधिकार कार्यकर्ता बिनायक सेन को राजद्रोह का दोषी ठहराए जाने के बाद से लोगों में नक्सलवाद के सिद्धांत के प्रति जिज्ञासा और बढ़ गई है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे नारायणन ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "नक्सलवाद के प्रति लोगों में जिज्ञासा बढ़ रही है, क्योंकि डा. बिनायक सेन को दोषी करार दिए जाने के बाद समाज का प्रबुद्ध वर्ग उनकी रिहाई की मांग कर रहा है।"
ज्ञात हो कि 59 वर्षीय सेन को छत्तीसगढ़ की अदालत ने राजद्रोह और नक्सलियों के साथ उनके सम्बंध होने के आरोप में 24 दिसम्बर, 2010 को उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। सेन की सजा का विरोध देश के भीतर और बाहर भी किया जा रहा है।
भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा 'सेक्युरेक्स 2011-सेक्युरिंग द फ्यूचर' विषय पर आयोजित सेमिनार में नारायणन ने कहा, "नक्सलवाद विश्वविद्यालयों में भी फैशन बन गया है।"
राज्यपाल ने कहा, "आतंकवाद के साथ नक्सलवाद से देश की आंतरिक सुरक्षा को बड़ा खतरा है। नक्सली हिंसा के कारण पिछले दो वर्षो में एक हजार से अधिक लोग मारे गए हैं।"
दो पड़ोसी देशों से भारत को खतरा बताते हुए नारायणन ने कहा कि पाकिस्तान में राजनीतिक एवं आर्थिक अस्थिरता और सैन्य व्यवस्था के साथ इसके जुड़ाव से हमारे देश को खतरा है।
उन्होंने पाकिस्तान को 'कठिन पड़ोसी' और चीन को 'प्रतिद्वंद्वी' बताया और कहा कि भारत की सुरक्षा को संभावित खतरा से इंकार नहीं किया जा सकता।
नारायणन ने कहा, "हमने अभी किसी विदेशी चुनौती का सामना तो नहीं किया है, लेकिन पाकिस्तान जैसे कठिन पड़ोसी और चीन जैसे प्रतिद्वंद्वी से हमारे देश को खतरा है, इससे इंकार नहीं किया जा सकता।"
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी सेना की ताकत बढ़ाने के लिए अन्य देशों से हथियार जुटा रहा है।
नारायणन ने कहा कि चीन से खतरा सीधे तौर पर कम, सामरिक तौर पर अधिक है। इसके अलावा वह अपनी नौसेना की क्षमता बढ़ा रहा है जो भारत के लिए चुनौती बन सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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