राखी सावंत को सम्मन जारी
टीवी कार्यक्रम 'राखी का इंसाफ' के दौरान एक एपिसोड में दिखाए गए एक मामले को फिल्मी ड्रामा बनाकर प्रसारित किए जाने का आरोप लगाते हुए एक शख्स ने उस एपिसोड में दिखाए गए सभी पात्रों के झूठे होने का दावा किया था, जिसको लेकर मुजफ्फरनगर अदालत में 19 नवंबर को शिकायत दर्ज किया गया था। इस मामले पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राखी को सम्मन जारी किया है।
दरअसल, एनडीटीवी इमेजिन पर प्रसारित होने वाले 'राखी का इंसाफ' कार्यक्रम के एक एपिसोड में सुनीता सिंह और देव का एक मामला दिखाया गया था, जिसमें सुनीता के पति के रूप में देव और भाई के रूप में दीपक को पेश करते हुए जमकर वाद-विवाद दिखाया गया था और कार्यक्रम के अंत में सुनीता और देव का विवाद खत्म करने का ड्रामा करते हुए दोनों की कार्यक्रम में शादी कराई गई थी।
इस कार्यक्रम के प्रसारित होते ही नरेंद्र नाम के व्यक्ति ने सुनीता के पति होने का दावा किया था और कहा था इस कार्यक्रम में दिखाए गए एपिसोड को पैसों के दम पर तैयार किया गया है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
नरेंद्र ने 19 नवम्बर को अदालत में राखी सावंत, एनडीटीवी इमेजिन के निर्देशक और इस एपिसोड के सभी पात्रों की भूमिका निभाने वालों खिलाफ एक शिकायत दर्ज किया था, जिसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने राखी सावंत सहित इन सभी को अदालत में हाजिर होने के लिए सम्मन जारी किया है, जिससे राखी सावंत की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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