सीएजी पर सिब्बल का बयान दुर्भाग्यपूर्ण : सर्वोच्च न्यायालय (लीड-2)
सिब्बल ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले के अंकेक्षण में सीएजी द्वारा अपनाए गए तरीकों पर टिप्पणी की थी। सीएजी की रिपोर्ट के मुताबिक सस्ती दरों पर 2जी स्पेक्ट्रम आवंटित किए जाने के कारण सरकार को 1.7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
न्यायमूर्ति जी. एस. सिंघवी और न्यायमूर्ति ए. के. गांगुली की खंडपीठ ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है।"
न्यायालय ने कहा कि मंत्री को जिम्मेदारी की भावना को ध्यान में रखते हुए ही व्यवहार करना चाहिए। इसके साथ ही न्यायालय ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को निर्देश दिया कि वह सीएजी द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के आधार पर ही मामले की जांच जारी रखे।
पीठ ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह जांच कार्य में किसी भी टीवी या समाचार माध्यम में किसी के भी द्वारा दिए गए बयान से प्रभावित न हों।
जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एक याचिका के माध्यम से अदालत का ध्यान सिब्बल की टिप्पणी की ओर आकर्षित किया था। उन्होंने अदालत से कहा कि सिब्बल सार्वजनिक तौर पर सीएजी की रिपोर्ट का माखौल उड़ा रहे हैं।
सिब्बल ने इस माह के शुरू में सीएजी की रिपोर्ट के बारे में टिप्पणी की थी कि नुकसान का आकलन करने में सीएजी ने जिस तरीके का इस्तेमाल किया है, वह गलत है।
सर्वोच्च न्यायालय ने नियमों और शर्तो का पूरी तरह से पालन नहीं करने के लिए विभिन्न दूरसंचार कम्पनियों को नोटिस भी जारी किया है।
पीठ ने दूरसंचार कम्पनियों सहित दूरसंचार विभाग और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण को भी एक फरवरी तक मामले में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
सर्वोच्च न्यायालय मामले की सीबीआई जांच पर निगरानी रख रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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