'हत्या के बाद जोशी के घर गई थी प्रज्ञा'
मध्य प्रदेश के देवास में चंचल ने शुक्रवार को एक निजी चैनल के साथ बातचीत में दावा किया कि चाचा की हत्या के बाद प्रज्ञा उसके घर आई थी और एक अटैची लेकर चली गई। उस अटैची में क्या था इसकी जानकारी उसे नहीं है। उसने कहा कि वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से नफरत करती है, क्योंकि संघ के लोग गंदे हैं।
मालूम हो कि संघ के प्रचारक रहे सुनील जोशी की 29 दिसंबर 2007 को देवास में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में चंचल ने कहा कि चाचा की मौत के बाद पूरा परिवार बिखर गया। दादी चाचा (सुनील) की मौत का सदमा नहीं बर्दाश्त कर सकी और उनकी मौत हो गई।
उसने आगे कहा कि जब तक इस बात का खुलासा नहीं हुआ था कि चाचा की हत्या में संघ के लोगों का हाथ है, तब तक वे उनके यहां आया जाया करते थे, लेकिन जब से यह बात सामने आई है, उनका आना-जाना बन्द हो गया। इस बार 29 दिसम्बर को तो कोई तस्वीर पर हार तक चढ़ाने नहीं आया।
चंचल ने कहा कि उसे यह जानकर दुख हुआ है कि उसके चाचा की हत्या उन लोगों ने की है, जो उनके साथ दिन रात रहते थे। अब उसे आरएसएस से नफरत है।
चंचल ने कहा कि जिस रात चाचा की हत्या हुई, उस रात वे घर से चावल खाकर गए थे। वे मोटर साइकिल से बाहर निकले थे, मगर थोडी देर बाद वापस आ गये, क्योंकि गाड़ी पंचर हो गई थी। उसी वक्त उनके मोबाइल पर एक फोन आया तो उन्होंने जवाब दिया कि वे आ रहे हैं, मगर उसके बाद उनकी लाश आई।
चंचल ने कहा कि जिस दिन चाचा की हत्या हुई, उस दिन घर पर संघ का एक व्यक्ति रुका था। उसने कहा कि चाचा की हत्या के बाद प्रज्ञा दीदी घर आई थी। उस वक्त घर पर वह और उसकी छोटी बहन ही थी।
गौरतलब है कि सुनील जोशी हत्याकांड में हर्षद सोलंकी व अजय राज को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है तथा मामले में कुछ अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। इतना ही नहीं इन दिनों बम धमाकों की साजिश में शामिल लोगों की तलाश में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का दल मध्य प्रदेश में डेरा डाले हुए है।
चंचल का यह बयान जहां जांच में एनआईए की मदद कर सकता है, वही संघ के लिये नई मुसीबत भी पैदा कर सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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