परेश बरुआ धड़े ने उल्फा शांति वार्ता से हाथ खींचा
गुवाहाटी, 21 जनवरी (आईएएनएस)। अरविंद राजखोवा के नेतृत्व वाले युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) और राज्य सरकार के बीच होने वाली शांति वार्ता की आशा धूमिल पड़ने लगी है, क्योंकि संगठन के भूमिगत कमांडर इन चीफ परेश बरुआ ने शुक्रवार को इस पहल से अपना हाथ खींच लिया है।
एक वीडियो क्लीपिंग में कहा गया है, "हम तथाकथित वार्ता में सहयोग नहीं देंगे। हम आजादी चाहते हैं।" आईएएनएस को प्राप्त इस वीडियो में लगभग सौ सशस्त्र कार्यकर्ता द्वारा लगाए जा रहे नारे सुनाई पड़ रहे हैं।
यह वीडियो शुक्रवार को जारी किया गया। एक वीडियो क्लीपिंग में बरुआ छद्मवेष में बंदूकधारी उल्फा कार्यकर्ताओं के साथ बिहू गीत की धुन पर नाचते दिखाई दे रहे हैं तथा दूसरी में वह कमांडरों के समूह के बीच बेंत की कुर्सी पर बैठे दिखाई दे रहे हैं।
तीसरी वीडियो क्लीपिंग में लगभग 100 सशस्त्र कार्यकर्ता अंग्रेजी और असमिया में ये नारे लगाते हुए दिख रहे हैं- "हम तथाकथित वार्ता में सहयोग नहीं देंगे। हम आजादी चाहते हैं।"
वे कह रहे हैं, "आजादी हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और हम लक्ष्य हासिल करने तक अपना सशस्त्र संघर्ष जारी रखेंगे।"
यह वीडियो अरविंद राजखोवा के नेतृत्व में आयोजित उल्फा केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक के मौके पर जारी किया गया। राजखोवा एक जनवरी को गुवाहाटी के केंद्रीय कारागार से जमानत पर रिहा हुए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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