इलाहाबाद में किसानों का प्रदशर्न, 5 अधिकारी घायल
जिले के करछना क्षेत्र के कचरी गांव में मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों किसानों ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के वाहनों को आग लगा दी। प्रदर्शनकारी किसानों ने पुलिस और सुरक्षाबलों पर जमकर पथराव किया।
किसानों की मांग है कि करछना में बिजलीघर लगाने के लिए जेपी समूह द्वारा अधिगृहीत जमीन का मुआवजा बेहद कम है। इसे बढ़ाकर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाय।
इलाहाबाद के पुलिस अधीक्षक (यमुनापार) बनवारी लाल ने संवाददाताओं को बताया कि पिछले 14 दिन से आमरण अनशन पर बैठे चार किसानों को पुलिस हटाने जा रही थी तभी प्रदर्शन हिंसक हो उठा।
उन्होंने कहा कि गंभीर हालत में पहुंच चुके चारों किसानों को धरनास्थल से हटाकर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था। तभी सैकड़ों की संख्या में उग्र किसान हम पर टूट पर पड़। इसके बाद पुलिस को हालात काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
उधर, प्रदशर्नकारी किसानों का आरोप है कि घटना में उनके एक साथी की मौत हो गई है, जबकि पुलिस किसान की मौत को स्वाभाविक बता रही है।
लाल ने कहा कि प्रदशर्नकारियों के पथराव में अपर पुलिस अधीक्षक (गंगापार), क्षेत्राधिकारी (करछना) और अपर जिलाधिकारी (नाजूल) सहित दो अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गये हैं।
इलाहाबाद रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक राम कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि फिलहाल हालात पूरी तरह से काबू में है। तनाव को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की दो और त्वरित कार्य बल (आरएएफ) की एक कम्पनी को तैनात किया गया है।
उग्र किसानों ने करछना के समीप इलाहाबाद-मिर्जापुर राजमार्ग जाम करने के साथ ही दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग को भी जाम कर दिया है। इसकी वजह से करीब छह रेलगाड़ियों को मुगलसराय से वाराणसी- इलाहाबाद के रास्ते दिल्ली भेजा गया। राम कुमार ने कहा कि हम किसानों से बातचीत कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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