हिमाचल ने केंद्र से मांगा विशेष पैकेज
बुधवार को यहां के विज्ञान भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा बजट पूर्व सलाह-मशवरा के लिए राज्यों के वित्त मंत्रियों की बुलाई बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि 13वें वित्त आयोग की रिपोर्ट के विपरीत प्रभावों के अध्ययन के लिए केंद्र सरकार ने योजना आयोग के सलाहकार की अध्यक्षता में समिति गठित की है।
उन्होंने कहा कि यह समिति विशेष श्रेणी के राज्यों के संसाधनों में गैर योजना मद में गैर योजना राजस्व प्राप्तियों तथा खर्च का वर्ष 2010-15 अवधि का आकलन कर रही है। उन्होंने कहा कि समिति को 31 दिसम्बर, 2010 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी जिसमें इसकी सिफारिशों को आगामी केंद्रीय बजट में सम्मिलित किया जा सकता था, लेकिन अब इस समिति की कार्य अवधि एक वर्ष और बढ़ा दी गई है।
धूमल ने कहा कि केंद्र सरकार को इस समूह की रिपोर्ट की प्रतीक्षा किए बिना इस गंभीर वित्तीय मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर राज्य को 2500 करोड़ रुपये का पैकेज प्रदान करना चाहिए।
उन्होंने वित्त आयोग द्वारा राज्य की विशिष्ट अनुदान सहायता राशि को वित्तीय घाटे के परिणामों से सम्बद्ध करने की सिफारिशों पर पुनर्विचार करने का आग्रह करते हुए कहा कि विशेष श्रेणी के राज्यों की विकास योजनाओं के वित्तीय संसाधनों की जरूरतों के मद्देनजर वित्त आयोग की सिफारिशें व्यावहारिक नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में सभी वित्तीय अनुदानों को वित्तीय घाटे के लक्ष्यों में अलग रखा गया है तथा यही प्रणाली आगे भी जारी रखी जानी चाहिए।
उन्होंने भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेलवे लाइन को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित करके आगामी बजट में वित्तीय प्रावधान प्रदान करने का अनुरोध भी किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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